मुंबई में गहराया जल संकट, बीएमसी सदन में उठा मास्टर प्लान और बोरवेल पुनर्जीवन का मुद्दा
Mumbai Water Crisis Master Plan: मुंबई में घटते जल भंडार और बढ़ते जल संकट को लेकर बीएमसी सदन में तीखी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने बंद बोरवेलों के पुनर्जीवन के लिए मास्टर प्लान बनाने की मांग की।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई जल संकट 2026 (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Water Crisis Master Plan News: मुंबई पर जल संकट का साया दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है और इसका तीखा असर सोमवार को बीएमसी के सदन में देखने को मिला। मानसून की शुरुआत के बावजूद मुंबईवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को जमकर घेरा।
भविष्य में गंभीर जल संकट से बचने के लिए मुंबई के जल स्रोतों के संरक्षण के लिए एक स्वतंत्र ‘मास्टर प्लान’ तैयार करने तथा शहर की बंद पड़ी सभी बोरवेलों का पुनर्जीवन करने की जोरदार मांग की गई। भाजपा के नगरसेवक एवं सदन के नेता गणेश खणकर ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस प्रस्ताव पर मुंबई के विभिन्न वाडों के 30 से अधिक नगरसेवकों ने हस्ताक्षर कर अपने-अपने क्षेत्रों में व्याप्त जल संकट की वास्तविक स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया। प्रस्ताव में पेयजल का गैर-जरूरी कार्यों में होने वाला दुरुपयोग तत्काल रोकने की मांग की गई। नगरसेवकों ने कहा कि बाग-बगीचों की सिंचाई, सड़कों की धुलाई और वाहनों की सफाई के लिए पेयजल का उपयोग तुरंत बंद किया जाए।
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लीकेज के कारण पेयजल दूषित
इसके अलावा शहर के पारंपरिक तालाबों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जल भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए तथा सभी बोरवेलों का तत्काल ऑडिट कर उनके लिए ‘रिचार्ज प्लान’ तैयार किया जाए, चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने वाडों में बढ़ती पानी संबंधी शिकायतों पर गंभीर चिंता जताई।
भाजपा नगरसेविका रीता मकवाना ने कहा कि पानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हो रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मांग की कि बंद पड़ी बोरवेलों को पुनर्जीवित कर जल शुद्धिकरण की व्यवस्था के साथ नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जाए। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नगरसेविका सईदा खान ने जल वितरण और उसकी निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का सुझाव दिया।
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झीलों का पानी अगस्त के मध्य तक ही पर्याप्त
- मुंबई की प्यास बुझाने वाले सातों जलाशयों का जलस्तर लगातार घट रहा है। 21 जून 2026 तक इन जलाशयों में कुल क्षमता का केवल 8.68 प्रतिशत यानी लगभग 1.25 लाख मिलियन लीटर पानी शेष था। कुल 14.47 लाख मिलियन लीटर क्षमता वाले इन जलाशयों में पिछले 24 घंटों के दौरान कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई।
- प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मौजूदा जल भंडार केवल अगस्त के मध्य तक ही पर्याप्त हो सकता है। पिछले वर्ष 21 जून 2025 को यही जल भंडार 25.87 प्रतिशत था, जबकि 2024 में यह 5.31 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
- इस दौरान बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने सदन में प्रशासन का पक्ष रखते हुए मौजूदा जल स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट और गंभीर न हो, इसके लिए प्रशासन विभिन्न स्तरों पर आवश्यक उपायों को अमल में ला रहा है।
