MMRDA का बड़ा दावा: मानसून में नहीं रुकेगी महा मुंबई मेट्रो, एआई तकनीक से निगरानी
MMRDA AI Surveillance: मुंबई में मानसून के दौरान मेट्रो सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए MMRDA ने मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 पर व्यापक तैयारी की है। जिससे यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध सेवा मिलेगी।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Mumbai Metro (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Mumbai Metro: इस साल मानसून सीज़न को देखते हुए एमएमआरडीए ने महा मुंबई मेट्रो नेटवर्क की मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 पर एआई तकनीक-आधारित निगरानी योजना बनाते हुए व्यापक तैयारी की है।
2 बी और 9 का पहला मानसून
इस वर्ष मेट्रो लाइन 2बी और 9 के परिचालन शुरू होने के बाद पहला मानसून है। इसलिए एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त ने महा मुंबई मेट्रो को चारों परिचालित मेट्रो मार्गिकाओं के लिए विशेष मानसून तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। यात्री सुरक्षा, जलभराव की रोकथाम, आपातकालीन प्रतिक्रिया, अवसंरचना संरक्षण तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो स्टेशनों, डिपो, वायाडक्ट और संबंधित मेट्रो अवसंरचना पर विशेष तैयारियां की गई हैं।
एक्टिव सीसीटीव्ही कैमरे
मानसून एक्शन प्लान के तहत हर मेट्रो स्टेशन 64 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस प्रकार मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 के 39 स्टेशनों पर कुल 2,496 सीसीटीवी कैमरों का मजबूत निगरानी नेटवर्क तैयार किया गया है। इन कैमरों के माध्यम से यात्रियों की आवाजाही, स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, कॉन्कोर्स और महत्वपूर्ण परिचालन क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
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जल निकासी के लिए पंप
जलभराव की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर 30 आपातकालीन पंप तैनात किए गए हैं। स्टेशनों, डिपो और वायाडक्ट पर वर्षा जल निकासी नालों की गाद, झाड़ियां और अन्य अवरोध हटाकर सफाई की गई है, ताकि बारिश के पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। संचालित सेक्शनों में वायाडक्ट की सफाई भी पूरी कर ली गई है, जिससे बारिश का पानी जमा न हो। एमएमआरडीए ने मेट्रो नेटवर्क पर 1,070 इंसुलेटर की निवारक जांच और रखरखाव पूरा किया है। इसके साथ ही 25 केवी केबल्स, पँटोग्राफ, ट्रांसफॉर्मर्स और लाइटनिंग अरेस्टर्स की जांच और रखरखाव भी किया गया है। ट्रैक्शन सब-स्टेशनों के लिए बाढ़ सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया गया है।
रियल-टाइम मौसम निगरानी के लिए 14 रणनीतिक स्टेशनों पर हवा की गति मापने वाली एनीमोमीटर प्रणाली लगाई गई है। इनमें मेट्रो लाइन 2A के दहिसर पूर्व, डहाणूकरवाडी, वलनाई, गोरेगांव पश्चिम और अंधेरी पश्चिम; मेट्रो लाइन 7 के राष्ट्रीय उद्यान, पोईसर, आरे, जोगेश्वरी पूर्व और गुंदवली; तथा मेट्रो लाइन 2B और 9 के मानखुर्द, शिवाजी चौक, दहिसर और काशीगांव स्टेशन शामिल हैं।
आरक्षित मेट्रो ट्रेन
परिचालन की दृष्टि से अप्रत्याशित परिस्थितियों में तुरंत उपयोग के लिए हॉट स्टैंडबाय ट्रेनें तैयार रखी गई हैं। मुख्य लाइन पर तीन आरक्षित मेट्रो ट्रेनें और डिपो में दो ट्रेनें उपलब्ध कराई गई हैं। इस प्रकार कुल 5 आरक्षित मेट्रो ट्रेनें तैयार रहेंगी। बिजली आपूर्ति बाधित होने या अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति में सेवा व्यवधान कम करने के लिए बैकअप सिस्टम भी तैयार रखे गए हैं। आपातकालीन स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर-टोल फ्री : 1800 889 0505 / 1800 889 0808 आपातकालीन संपर्क 8452905434 / 8652635301 उपलब्ध हैं।
यात्री संवाद प्रबंधन
अपडेटेड मानसून एसओपी के तहत यात्री सूचना व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। भारी बारिश, जलभराव और परिचालन अपडेट से जुड़ी सूचनाएं डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, स्टेशन सिस्टम और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से यात्रियों तक पहुंचाई जाएंगी। फ्लेक्स बैनर, ढीले सेफ्टी नेट, असुरक्षित सामग्री और तेज हवा में जोखिम पैदा कर सकने वाली वस्तुओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित किया गया है। मेट्रो परिचालन को प्रभावित कर सकने वाले पेड़ों और शाखाओं की छंटाई भी की गई है।
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24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष
25 मई से 15 अक्टूबर 2026 तक के लिए एक समर्पित 24×7 आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष आपातकालीन समन्वय, शिकायत पंजीकरण, बीएमसी, पुलिस तथा राज्य सरकार के विभागों के साथ संवाद के लिए केंद्रीय कमांड हब के रूप में कार्य करेगा। ऑरेंज और रेड अलर्ट के दौरान यह नियंत्रण कक्ष रणनीतिक नोडल टीमों के साथ पूरी तरह सक्रिय रहेगा। बारिश से संबंधित प्रत्येक घटना की सूचना निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत एक घंटे के भीतर दी जाएगी।
मेट्रो ट्रेनें उपलब्ध
महत्वपूर्ण आपातकालीन परिस्थितियों में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन टीम को आवश्यक संसाधन पहुंचाने के लिए विशेष मेट्रो कोच भी निर्धारित किए गए हैं।
एआई आधारित तकनीक
मानसून तैयारी के साथ-साथ एमएमआरडीए ने मेट्रो परिचालन में उन्नत तकनीक और एआई-आधारित प्रणालियों का भी उपयोग शुरू किया है। इससे सुरक्षा, पूर्वानुमान-आधारित रखरखाव, परिचालन दक्षता, राजस्व प्रबंधन और यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मेट्रो लाइन 2A और 7 पर लागू की गई एआई-सक्षम ऑटोमेटेड पैंटोग्राफ कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम है। यह प्रणाली हाई-स्पीड कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से चलती ट्रेनों के पैंटोग्राफ की रियल-टाइम जांच करती है।
इससे तकनीकी खराबी का जल्द पता लगाने और पूर्वानुमान-आधारित रखरखाव करने में मदद मिलती है। पहले जिस जांच में करीब 30 मिनट लगते थे, वही जांच अब प्रति ट्रेन कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है। एमएमआरडीए ने स्टेशनों, डिपो और परिचालन क्षेत्रों में एआई-आधारित वीडियो एनालिटिक्स प्रणाली भी लागू की है। यह प्रणाली यात्रियों की गलत दिशा में आवाजाही, ट्रेन आने से पहले पीली सुरक्षा रेखा पार करना, संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकना, संदिग्ध या लावारिस सामान, इमरजेंसी स्टॉप प्लंजर के पास अनधिकृत पहुंच और महत्वपूर्ण मेट्रो उपकरणों के साथ छेड़छाड़ या अवरोध जैसी गतिविधियों की पहचान कर सकती है।
मानसून के लिए 24×7 कंट्रोल रूम और आपात व्यवस्था तैयार
इसके अलावा यात्रियों की आवाजाही का विश्लेषण, मांग का पूर्वानुमान, ट्रेन शेड्यूलिंग सहायता, भीड़ प्रबंधन, राजस्व विश्लेषण, किराया मिलान और परिचालन से जुड़े प्रमुख संकेतकों की रियल-टाइम निगरानी के लिए डेटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस टूल्स का भी उपयोग किया जा रहा है। मानसून में एमएमआरडीए की तैयारी पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई एमएमआर महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। हर मौसम में इस क्षेत्र की गति बनाए रखने के लिए मजबूत और विश्वसनीय शहरी परिवहन व्यवस्था आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री व एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि मानसून के दौरान सुरक्षित और निर्बाध मेट्रो सेवा सुनिश्चित करना महाराष्ट्र सरकार और एमएमआरडीए की प्रमुख प्राथमिकता है। मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, नियंत्रण कक्ष और जलभराव रोकथाम उपाय सक्रिय किए गए हैं। एआई-आधारित ऑटोमेटेड पैंटोग्राफ कंडीशन मॉनिटरिंग के माध्यम से तकनीकी खराबियों का पता अब कुछ ही सेकंड में लगाया जा सकता है। इससे भारी बारिश के दौरान मेट्रो सेवाओं की विश्वसनीयता और ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी।
एमएमआरडीए आयुक्त
डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि महा मुंबई मेट्रो नेटवर्क के लिए एमएमआरडीए की मानसून रणनीति तीन स्पष्ट प्राथमिकताओं पर आधारित है,यात्री सुरक्षा, परिचालन निरंतरता और त्वरित प्रतिक्रिया। मेट्रो लाइन 2A, 2B, 7 और 9 पर एमएमआरडीए की तैयारी भविष्य-उन्मुख, तकनीक-सक्षम और यात्री-केंद्रित बुनियादी ढांचे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एआई-सक्षम प्रणालियों, 24×7 निगरानी, जलभराव रोकथाम उपायों और समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया के माध्यम से मुंबई के मेट्रो नेटवर्क को बारिश हो या धूप, विश्वसनीय सेवा देने के लिए और मजबूत किया जा रहा है।
