ठाणे मेट्रो का इंतजार और बढ़ा, गायमुख-कैडबरी खंड का संचालन अब नवंबर 2026 तक टला

Thane Metro Line 4: ठाणे मेट्रो लाइन 4 और 4ए के गायमुख-कैडबरी जंक्शन खंड का 90 प्रतिशत निर्माण पूरा होने के बावजूद यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। परिचालन नवंबर 2026 तक टल गया है।
Thane Metro Line 4 News
ठाणे मेट्रो लाइन 4 (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane Metro Line 4 News: ठाणे में मेट्रो की राह में फिर देरी आने के लक्षण नजर आने लगे है। इस वजह से ठाणेकरों का इंतजार एक बार फिर लंबा हो गया है। मेट्रो लाइन 4 और 4ए के गायमुख-कैडबरी जंक्शन खंड का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

लेकिन सुरक्षा मंजूरियों, शेष तकनीकी कार्यों और आगामी मानसून के कारण इसके आंशिक परिचालन की समयसीमा नवंबर 2026 तक खिसक गई है। मुलुंड में हुए हादसे के बाद बढ़ी सुरक्षा जांच और परीक्षण प्रक्रियाओं ने भी परियोजना की रफ्तार को प्रभावित किया है।

ऐसे में घोड़बंदर रोड और ठाणे के लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत के लिए अभी कुछ और महीनों तक प्रतीक्षा करना पड़ेगा। मेट्रो लाइन 4 और 4ए के शुरू होने का इंतजार कर रहे ठाणे और घोड़बंदर रोड के लाखों यात्रियों को अभी कुछ और महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने गायमुख से कैडबरी जंक्शन के बीच मेट्रो के आंशिक परिचालन के लिए अब नवंबर 2026 का लक्ष्य तय किया है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस खंड का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों में हुई देरी के कारण यात्री सेवाएं शुरू करने की समयसीमा आगे बढ़ गई है।

एमएमआरडीए अब शेष कार्यों को पूरा करने और सभी आवश्यक सुरक्षा मंजूरियां प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। देरी की प्रमुख वजहों में 14 फरवरी को मुलुंड में हुई दुर्घटना भी शामिल है। निर्माणाधीन कॉरिडोर पर पैरापेट स्लैब गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद सुरक्षा मानकों की समीक्षा, निरीक्षण और परीक्षण से पहले किए जाने वाले कई सहायक कार्यों में देरी हुई।

अनिवार्य सुरक्षा मंजूरियां लेना आवश्यक

  • एमएमआरडीए के अधिकारियों का कहना है कि परिचालन शुरू होने से पहले सभी अनिवार्य सुरक्षा मंजूरियां लेना आवश्यक है। इसी कारण किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए सुरक्षा प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • हालांकि, मोघरपाड़ा कार शेड अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव के लिए अस्थायी व्यवस्था की जा रही है, ताकि परिचालन शुरू होने में कोई बाधा न आए।

यात्रा समय में आएगी कमी

  • इस बीच ट्रायल के लिए चलाई गई मेट्रो ट्रेने घोडबंदर रोड के एलिवेटेड ट्रैक पर खड़ी दिखाई देती है। रोजाना भारी ट्रैफिक जाम से जूझने वाले यात्रियों के लिए यह दृश्य उत्सुकता के साथ-साथ निराशा भी पैदा कर रहा है।
  • स्थानीय निवासियों का मानना है कि कॉरिडोर का सीमित हिस्सा भी शुरू होने से कासरवडवली और कैडबरी जंक्शन के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। खासकर पीक आवर्स में, जब घोडबंदर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, तब मेट्रो बड़ी राहत साबित हो सकती है।
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