मीरा भायंदर फॉरेस्ट एन्क्रोचमेंट इशू (सौ. सोशल मीडिया )
Mira Bhayander Forest Encroachment: संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से सटे येऊर और घोड़बंदर के वन क्षेत्रो में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अतिक्रमण, अवैध गतिविधियों और वन्यजीवों के लिए बढ़ते खतरे के बीच प्रशासन की उदासीनता ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से बार-बार शिकायतें किए जाने के बावजूद वन विभाग की निर्षक्रयता सवालों के घेरे में है। जंगल में बढ़ रही घुसपैठ, वन्यजीवो पर खतरा: स्थानीय स्तर पर सामने आ रही घटनाओं के मुताबिक, जंगल मे लगातार बाहरी लोगों की आवाजाही बढ्द रही है।
कई जगहों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की गतिविधियां देखी जा रही हैं। इतना ही नहीं, तेंदुओं के शिकार और उनके अवैध व्यापार की आशंका भी जताई गई है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में चॉल माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है। जंगल की जमीन पर कब्जा कर अवैध बस्तियां बसाने की कोशिशें भी जारी हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में बड़े पारिस्थितिक संकट की आशंका भी बढ़ रही है।
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कुछ महीने पहले इसी क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा जंगल में आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई थी। उस समय भी वन चौकी पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हैं।
मीरा भाईंदर से नवभारत लाइव के लिए विनोद मिश्रा की रिपोर्ट