तड़ीपार गुंडों और चोरों का नया ठिकाना! ओयो होटल्स की आड़ में फल-फूल रहा अपराध, क्या सो रहा है प्रशासन?

Nagpur OYO Hotel Raid: नागपुर के रिहायशी इलाकों में ओयो होटल्स बने 'पाप के अड्डे'। देह व्यापार और अपराधियों की शरणस्थली पर पुलिस का छापा। नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी, नागरिकों में गुस्सा।
Nagpur OYO hotels in residential areas turned into hubs for illegal activities. SSB busts prostitution rackets in Wanadongri and Besa. Citizens demand strict action.
ओयो होटल (AI Generated Image)
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Illegal Hotels Nagpur Residential Area: नागपुर शहर भर में तेजी से फैल रहे ओयो होटल अब देह व्यापार और अवैध गतिविधियों के अड्डे बनते जा रहे हैं। आरोप है कि कई संचालक सरकार के ‘लॉजिंग-बोर्डिंग’ नियमों की अनदेखी कर खुलेआम अवैध कारोबार चला रहे हैं। इन होटलों का उपयोग कथित रूप से अनैतिक गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के ठिकाने के रूप में भी हो रहा है।

हाल ही में अपराध शाखा के सामाजिक सुरक्षा पथक (एसएसबी) ने एमआईडीसी थाना क्षेत्र के वानाडोंगरी स्थित ‘एमएच 40’ नामक ओयो होटल पर छापा मारकर देह व्यापार का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में 3 महिलाओं को मुक्त कराया गया जिनमें 2 पंजाब के लुधियाना और एक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की निवासी बताई गई।

इससे पहले हुडकेश्वर थाना क्षेत्र के बेसा मार्ग स्थित ‘ओयो ग्रीन गेस्ट हाउस’ पर भी एसएसबी ने छापा मारा था। यहां एक आरोपी युवक अपने पिता के साथ मिलकर होटल की आड़ में देह व्यापार संचालित कर रहा था। पुलिस ने 2 पीड़ित महिलाओं को मुक्त कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया था। ऐसे कई मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं।

सुबह से ही प्रेमी जोड़ों की आवाजाही

रिहायशी इलाकों में संचालित कई ओयो होटलों में सुबह से ही युवक-युवतियों की आवाजाही देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ कॉलेज छात्र-छात्राएं बंक मारकर इन होटलों का रुख करते हैं। इससे क्षेत्र में सामाजिक असहजता, विवाद और तनाव की स्थिति बन रही है। निवासियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन से शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

नियमों की हो रही अनदेखी

सरकारी ‘लॉजिंग-बोर्डिंग’ नियमों के अनुसार होटल केवल व्यावसायिक क्षेत्र में ही खोले जा सकते हैं। होटल शुरू करने से पहले भूखंड का व्यावसायिक उपयोग के लिए दर्ज होना आवश्यक है। भवन निर्माण का व्यावसायिक नक्शा महानगरपालिका या संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृत होना चाहिए। इसके अलावा, सातबारा अभिलेख में मालिक का नाम दर्ज होना चाहिए।

पार्किंग की समुचित व्यवस्था अनिवार्य है। अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र आवश्यक है। बिजली व पानी के कनेक्शन व्यावसायिक श्रेणी के होने चाहिए। कुल मिलाकर लगभग 11 प्रकार की अनापत्ति व स्वीकृति प्रमाणपत्र आवश्यक होते हैं। आरोप है कि शहर में कई स्थानों पर इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

तड़ीपार और अपराधियों का ठिकाना

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ओयो होटल नशाखोरी, हुक्का पार्टियों और आपराधिक गतिविधियों के केंद्र बनते जा रहे हैं। पुलिस से बचने के लिए तड़ीपार आरोपी भी यहां शरण लेते हैं। वाठोडा थाना क्षेत्र में हुई एक कार्रवाई के दौरान अपराध शाखा की वाहन चोरी विरोधी टीम ने एक ओयो होटल में शहर के चर्चित वाहन चोर ऋषभ असोपा अपनी प्रेमिका के साथ छिपकर रहते हुए पकड़ा था। नागरिकों ने मांग की है कि रिहायशी क्षेत्रों में संचालित सभी ओयो और अन्य होटलों की सूची तैयार कर उनकी वैधता की जांच की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों, प्रबंधकों और भवन मालिकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि शहर की सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से मिलिंद रामटेके की रिपोर्ट
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