मुंडे को मिली राहत, मंत्री भुजबल देंगे इस्तीफा! महाराष्ट्र में नया सियासी बखेड़ा
Maharashtra Politics: हाई कोर्ट ने धनंजय मुंडे को भष्ट्राचार के एक मामले में राहत दी है। अब मुंडे के मंत्रिमंडल में वापिस आने की चर्चा तेज हो गई है। इससे जुड़े एक सवाल पर मंत्री छगन भुजबल भड़क गए।
- Written By: आकाश मसने
मंत्री छगन भुजबल व धनंजय मुंडे (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व कृषि मंत्री धनंजय मुंडे को शुक्रवार को बड़ी राहत दी। हाई कोर्ट ने पूर्व कृषि मंत्री धनंजय मुंडे के कार्यकाल में कृषि आदानों की खरीद के लिए लागू की गई विशेष कार्ययोजना के तहत कृषि आदानों की सीधे खरीद और वितरण करने के राज्य सरकार के कृषि विभाग के फैसले को बरकरार रखा है। इस बारे में पत्रकारों के सवाल का जवाब देने के दौरान महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल भड़क गए। भुजबल ने पत्रकारों को उल्टा सवाल पूछ लिया कि क्या धनंजय को क्लीन चिट मिल गई है?
उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन वाली महायुति सरकार 2.0 में मंत्री पद नहीं मिला था। इस पर भुजबल काफी नाराज हुए थे। उन्होंने कई मौके पर अपनी नाराजगी का इजहार किया था।
दूसरी तरफ बीड जिले के मस्साजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में वाल्मीकि कराड की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन कृषि मंत्री धनंजय मुंडे को अपना मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। कराड को धनंजय मुंडे का करीबी बताया जाता है। इस वजह से विपक्ष दिवंगत सरपंच देशमुख को इंसाफ मिलने की संभावनाओं पर सवाल खड़े कर रहा था।
सम्बंधित ख़बरें
NEET Paper Leak: आधी रात को कोर्ट में पेश हुई मनीषा हवालदार; मुंहजुबानी याद थे प्रश्न, जानें CBI को क्या मिला?
डिजिटल गिरफ्तारी और फर्जी ट्रेडिंग ऐप गिरोह पर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को लौटाए 26.97 लाख रुपये
जनभागीदारी अभियान का उत्साहपूर्ण आगाज, सरकारी योजनाएं पहुंचीं आदिवासी गांवों के द्वार
छत्रपति संभाजीनगर: नालों पर निर्माण करने वालों की खैर नहीं, लगेगा अतिरिक्त टैक्स; कमिश्नर ने दिए निर्देश
मुंडे के इस्तीफे के बाद छगन भुजबल बने मंत्री
धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद छगन भुजबल को महाराष्ट्र के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण की जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि भुजबल ने तब कहा था कि जिस दिन धनंजय को क्लीन चिट मिल जाएगी। उसी दिन में इस्तीफा दे दूंगा। इसी पृष्ठभूमि में पूछे गए सवाल के बाद मंत्री भुजबल भड़क गए।
यह भी पढ़ें:- ‘रिटायरमेंट के बाद कोई पद नहीं लूंगा’, CJI गवई ने अमरावती से किया ऐलान
मंत्री छगन भुजबल क्यों भड़के?
हाईकोर्ट से धनंजय को मिली राहत पर भुजबल ने पहले कहा कि आरोप लगते रहते हैं। कभी आरोप सही होते हैं तो कई बार झूठे भी होते हैं। ऐसे में अदालत जाकर आरोपों की गहन जांच कराना ही एकमात्र विकल्प रहा जाता है, जैसा कि धनंजय मुंडे पर लगे आरोपों की जांच के बाद सामने आया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं थी। इसलिए अब अदालत का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए।
लेकिन इसी दौरान पत्रकारों ने भुजबल को उनका वादा याद दिलाते हुए पूछ लिया कि क्या अब आप अपने मंत्री पद से इस्तीफा देंगे, क्या धनंजय को फिर से मंत्री पद मिलेगा? इस पर भड़कते हुए भुजबल ने कहा कि क्या मुंडे को सरपंच मर्डर केस में क्लीन चिट मिली है? उन्होंने पत्रकारों को कुछ भी सवाल पूछने से बाज आने की नसीहत देते हुए आगे बढ़ने को कह दिया।
