महायुति में फिर उभरा मतभेद, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दिखाए अजित पवार को काले झंडे
लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में महायुति, खासकर बीजेपी के उम्मीदवारों को मिली हार के बाद बीजेपी का आम कैडर अजित को एक बार फिर से स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहा है। इसकी झलक रविवार को पुणे में देखने को मिली। जहां एनसीपी (अजित पवार) की जनसम्मान यात्रा में आए अजित को बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए।
- Written By: शुभम सोनडवले
अजित पवार को दिखाए काले झंडे
पुणे. लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में महायुति, खासकर बीजेपी के उम्मीदवारों को मिली हार के बाद बीजेपी का आम कैडर अजित को एक बार फिर से स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहा है। इसकी झलक रविवार को पुणे में देखने को मिली। जहां एनसीपी (अजित पवार) की जनसम्मान यात्रा में आए अजित को बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। इससे महायुति में मतभेद उभर कर सामने आ गए हैं और आगामी विधानसभा अजित के साथ मिलकर लड़ने के फडणवीस एवं बीजेपी के अन्य नेताओं के प्रयासों को ठेस पहुंची है।
जन सम्मान यात्रा के दौरान नारायणगांव में एनसीपी (अजित पवार) की पर्यटन समीक्षा बैठक भी बुलाई गई थी। इस मौके पर बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) से किसी की तस्वीर या नाम का जिक्र नहीं किया गया था। इस वजह से बीजेपी के कार्यकर्ता आक्रामक हो गए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर जाकर काले झंडे दिखाए।
फोडाफोडीचं राजकारण करून एकत्र आलेल्या महायुतीची आता महाफुटी होण्याच्या मार्गावर आहे, लोकसभेच्या निकालामुळे पुरते घाबरलेले नेते विधानसभेत आपलं अस्तित्व टिकवण्यासाठी अंतर्गत खेळी करत आहेत.. आज जुन्नरमध्ये अजित पवारांच्या जनसन्मान यात्रेला भाजपच्या आशा बुचकेंसहित त्यांच्या… pic.twitter.com/YcsAwDVmcT — Maharashtra Congress (@INCMaharashtra) August 18, 2024
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इस बैठक में बीजेपी को न्योता नहीं दिए जाने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। रविवार को बीजेपी की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष आशा बुचके समेत कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अजित के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान अजित के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। आशा बुचके ने अजित पर सरकारी कार्यक्रमों में घटक दलों की उपेक्षा करने तथा संरक्षक की भूमिका का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।
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पहले भी हो चुका है विरोध
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), शिवसेना (शिंदे गुट) एवं खुद बीजेपी के कई नेता लोक सभा चुनाव में महाराष्ट्र में महायुति की हार के लिए खुलकर उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनकी एनसीपी को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। हालांकि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा भाजपा के तमाम शीर्ष नेता कार्यकर्ताओं के आक्रोश को अपने तर्कों से शांत करने का प्रयास करते रहे हैं लेकिन बीजेपी के आम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी महाराष्ट्र में अजित का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
बीजेपी के प्रदर्शन से अजित गुट नाराज
जनसम्मान यात्रा में डीसीएम अजित को बीजेपी नेताओं द्वारा काले झंडे दिखाए जाने की घटना के बाद अब एनसीपी (अजित पवार) गुट भी आक्रामक हो गया है। अजित गुट के नेता अमोल मिटकरी ने ट्वीट किया है कि ‘जन सम्मान यात्रा एनसीपी पार्टी का निजी कार्यक्रम है। काले झंडे दिखाने वालों को एक अलग कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए तथा आज जो काला झंडा दिखाने गए थे, उनके बारे में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खुलासा करना चाहिए।
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एकजुटता को ठेस न पहुंचाएं
एनसीपी सांसद एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा, “उनके पास काले झंडे दिखाने की कोई वजह नहीं थी, उन्हें विरोध करने की भी कोई जरूरत नहीं थी। क्योंकि यह हमारी पार्टी का अंतर्गत कार्यक्रम है। मेरे जिले में भाजपा नेता और मंत्री भी आते हैं। हम उनके कार्यक्रमों पर कभी आपत्ति नहीं जताते हैं। इसलिए अगर कोई इस तरह से महागठबंधन की एकता को ठेस पहुंचाने का काम कर रहा है तो उसे कड़ी चेतावनी दी जानी चाहिए।”
