तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Leopard Transfer Vantara: महाराष्ट्र में बढ़ते मानव-तेंदुआ संघर्ष पर लगाम लगाने और वन्यजीवों के सुरक्षित भविष्य के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से 50 तेंदुओं को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस फाउंडेशन के ‘वनतारा’ वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र में स्थानांतरित करने जा रही है।
राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक के करीबी सूत्रों ने शुक्रवार को इस खबर की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र के ग्रामीण और रिहायशी इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। सूत्रों के अनुसार, वन मंत्री गणेश नाईक और वनतारा के प्रबंधन के बीच लंबी चर्चा के बाद इन तेंदुओं को स्थानांतरित करने की सहमति बनी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य न केवल इंसानों की सुरक्षा करना है, बल्कि इन तेंदुओं को एक ऐसा वातावरण प्रदान करना है जहां उन्हें आधुनिक चिकित्सा और बेहतर संरक्षण मिल सके।
महाराष्ट्र के कई जिले, विशेषकर जुन्नर, नासिक और अहमदनगर जैसे इलाके पिछले साल नवंबर और दिसंबर में तेंदुए के हमलों से दहल उठे थे। हमलों की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी थी। वन विभाग के पास वर्तमान में पकड़े गए तेंदुओं को रखने के लिए सीमित संसाधन और जगह है। ऐसे में जामनगर का ‘वनतारा’ केंद्र, जो अपनी विश्व स्तरीय सुविधाओं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है, एक आदर्श विकल्प के रूप में उभरा।
अनंत अंबानी की पहल ‘वनतारा‘ वर्तमान में दुनिया के सबसे आधुनिक वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में से एक है। यहां जानवरों के लिए अत्याधुनिक अस्पताल, पोषण केंद्र और उनके प्राकृतिक आवास जैसा वातावरण उपलब्ध है। महाराष्ट्र से भेजे जा रहे 50 तेंदुओं को यहां विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा, जिससे न केवल उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा बल्कि उनके व्यवहारिक अध्ययन में भी मदद मिलेगी।
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वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस स्थानांतरण से राज्य के हॉटस्पॉट इलाकों में दबाव कम होगा। यह फैसला वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी भागीदारी (PPP Model) का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करता है। आने वाले हफ्तों में इन तेंदुओं को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसके लिए विशेष एम्बुलेंस और विशेषज्ञों की टीम तैनात की जाएगी।