Mumbai Protest News: मुंबई राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका के बीच सरकारी ठेकेदारों ने 7 अप्रैल से राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ ने लंबित भुगतानों को लेकर यह आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
महासंघ के अनुसार, सरकार पर करीब 96 हजार करोड़ रुपये का बकाया है, जिसके चलते ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जलसंपदा, नगर विकास, ग्राम विकास और पर्यटन विभागों के बिल लंबे समय से लंबित हैं, जिससे नए प्रोजेक्ट लेना और चालू काम जारी रखना मुश्किल हो गया है।
बताया गया कि पिछले वर्ष भी करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये लंबित थे, जिनमें से आंदोलन के बाद सरकार ने लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया था, लेकिन बड़ी राशि अब भी बाकी है। इस बार ठेकेदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो राज्यभर में अनिश्चितकालीन काम बंद किया जाएगा।
हड़ताल की स्थिति में सड़क, पुल, जलसंपदा और अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं ठप हो सकती हैं। इससे पहले से चल रहे निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होगी और नई परियोजनाओं की शुरुआत भी टल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विवाद का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो महाराष्ट्र में आधारभूत ढांचे के विकास पर व्यापक असर पड़ेगा और कई परियोजनाओं की लागत व समयसीमा दोनों बढ़ सकती हैं।
ठेकेदार संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल लंबित भुगतान की वसूली है। इसके जरिए सरकार पर आर्थिक दबाव बनाकर बकाया राशि जल्द जारी कराने की रणनीति अपनाई जा रही है।