Bhandara Crop Damage News: लाखांदुर तहसील में गत रात आई तेज आंधी और असमय बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुरमाडी, दहेगांव, कोदामेढ़ी और आसपास के गांवों में खड़ी फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे वे आर्थिक संकट में घिर गए हैं। अचानक बदले मौसम के कारण तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया।
कई जगह फसलें जमीन पर गिर गईं, जबकि कुछ क्षेत्रों में पूरी तरह बर्बाद हो गईं। खासकर मक्का की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन उससे पहले ही यह आपदा आ गई और उनकी उम्मीदें टूट गईं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने बीज, खाद और कीटनाशकों पर भारी खर्च किया था, लेकिन अब यह लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। फसल खराब होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ा है, जिससे परिवार के भरणपोषण की चिंता भी बढ़ गई है।
इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र की बागवानी भी इससे प्रभावित हुई है। आम और अन्य फलदार पेड़ों पर आए फूल और लगे हुए फल तेज हवाओं के कारण गिर गए हैं। कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं, जिससे बागवानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
मुआवजा देने की मांगपिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा था, जिससे किसान पहले से ही चिंतित थे। इस अचानक आई बारिश और तूफान ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है। अब किसान पूरी तरह हताश नजर आ रहे हैं।
प्रभावित किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वेक्षण कर पंचनामा किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें और अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें।