सुनेत्रा पवार के NCP अध्यक्ष पद पर मंडराया खतरा, पार्टी नेता ने चुनाव प्रक्रिया को दी चुनौती, नए चुनाव की मांग

Sunetra Pawar NCP Row: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया को अवैध बताते हुए कानूनी नोटिस भेजा।
Internal rift widens in NCP as national secretary Sachidanand Singh legally challenges the appointment of Sunetra Pawar as party president.
सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Political Dispute Maharashtra: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) में संगठनात्मक विवाद एक बार फिर सामने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुनेत्रा पवार के चयन पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कानूनी चुनौती दी है। उन्होंने संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया को पार्टी संविधान के विपरीत बताते हुए संबंधित पदाधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है।

वरिष्ठ नेताओं को भेजा गया कानूनी नोटिस

जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई को भेजे गए नोटिस में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं निर्वाचन आयोग के नोडल अधिकारी बृजमोहन श्रीवास्तव को पक्षकार बनाया गया है। नोटिस में अध्यक्ष पद के चुनाव की पूरी प्रक्रिया को गैर-कानूनी और अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।

चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सच्चिदानंद सिंह का आरोप है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद 17 फरवरी 2026 को हुई बैठक में प्रफुल्ल पटेल को अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद पार्टी संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अगले ही दिन राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

26 फरवरी को सुनेत्रा पवार बनी थीं अध्यक्ष

पार्टी की ओर से 26 फरवरी 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया था। अब इसी प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ नेता ने कानूनी आपत्ति दर्ज कराई है।

संगठनात्मक विवाद बढ़ने के संकेत

इस कानूनी चुनौती के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) में संगठनात्मक विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर पार्टी का रुख और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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