पेपर लीक प्रकरण (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Education Department Maharashtra: राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों द्वारा समानांतर शिक्षा व्यवस्था खड़ी किए जाने और जूनियर कॉलेजों के साथ कथित साठगांठ के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में शिक्षण उपसंचालक के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सख्ती की मांग की जा रही है। इस संबंध में पूर्व विधायक नागो गानार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राज्यभर में अनेक निजी कोचिंग संस्थान बिना किसी प्रभावी सरकारी नियंत्रण के कार्य कर रहे हैं।
इन संस्थानों का पंजीकरण और नियमन स्पष्ट नहीं है, जिससे वे मनमानी तरीके से संचालन करते हैं। कुछ कोचिंग संचालक जूनियर कॉलेजों से साठगांठ कर विद्यार्थियों का प्रवेश पहले अपने कोचिंग संस्थान में सुनिश्चित करते हैं। प्रवेशित विद्यार्थी नियमित रूप से जूनियर कॉलेज में उपस्थित न होकर कोचिंग में पढ़ते हैं, जबकि उनकी उपस्थिति कॉलेज में दर्ज की जाती है।
यह भी आरोप लगाया गया है कि कोचिंग में प्रवेश के नाम पर विद्यार्थियों से डेढ़ लाख से लेकर 4 लाख रुपये तक की भारी फीस वसूली जा रही है। इसे शैक्षणिक नीति का उल्लंघन बताते हुए पालकों और विद्यार्थियों के आर्थिक शोषण का मामला बताया गया है। इस प्रकार की अनधिकृत समानांतर शिक्षा व्यवस्था शिक्षा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। इस पर तत्काल रोक लगाना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 16 जुलाई, 2025 को विधानसभा में निजी कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने हेतु कानून लाने की घोषणा की थी। जल्द से जल्द कठोर और प्रभावी कानून बनाकर निजी कोचिंग संस्थानों पर अंकुश लगाया जाए, ताकि पालकों और विद्यार्थियों की आर्थिक लूट पर रोक लग सके और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
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10वीं व 12वीं की परीक्षा के दौरान अब तक 29 नकलचियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 10वीं में 3 और 12वीं में 26 मामले दर्ज किये गये। इस बार स्थिति विपरीत दिखाई दे रही है। प्राय: 10वीं में नकल के अधिक मामले सामने आते थे, लेकिन इस बार 12वीं में ही अधिक मामले सामने आये हैं।
इनमें पेपर लीक प्रकरण के छात्रों का समावेश है। इन छात्रों के खिलाफ परीक्षा खत्म होने के बाद एक्शन लिया जाएगा। इस बीच नकल में मदद करने वाले गड़चिरोली के 4 शिक्षकों को निलंबित किया गया। विभागीय परीक्षा मंडल ने इन शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने की सिफारिश शिक्षा विभाग से की है।