मराठी को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिए जाने पर महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने दी अपनी प्रतिक्रिया, देखें वीडियो
मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
एक नाथ शिंदे
मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठी भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर की है। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मराठी के साथ-साथ पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री शिंदे ने पीएम मोदी का धन्यवाद करते हुए इसे मराठी भाषी लोगों के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया।
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, “आज कैबिनेट की बैठक में मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया। मैं इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं। मराठी भाषा ने साहित्य, संस्कृति और कला के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह फैसला मराठी भाषा और उसकी समृद्ध विरासत के सम्मान का प्रतीक है।”
यहां देखें सीएम एकनाथ शिंदे ने क्या कहा
VIDEO | “A historic decision was taken in the Cabinet meeting today to confer Marathi, the classical language status. I thank PM Modi for this historic decision,” says Maharashtra CM Eknath Shinde (@mieknathshinde) on Marathi being conferred the status of classical language. The… pic.twitter.com/ekMrr0Tksa — Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2024
सम्बंधित ख़बरें
मुख्यमंत्री फडणवीस ने छोड़ी VIP सवारी, आम यात्रियों के साथ इंडिगो फ्लाइट में किया सफर; सादगी देख सब हैरान
Mumbai-Pune Expressway पर इंजीनियरिंग का चमत्कार: 23.5 मीटर चौड़ी सुरंग ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
‘मिनी पाकिस्तान’ बनाने की साजिश भड़के नितेश राणे; कहा- अब नया नगर में भी होगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’, देखें VIDEO
PM का संदेश विपक्ष के लिए बड़ा तमाचा; DCM शिंदे का कड़ा बयान, महिलाओं के अपमान का जवाब देगी जनता
शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से इन भाषाओं को केंद्रीय सहायता, शैक्षिक अनुसंधान के लिए फंड, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे पहले तमिल, तेलुगु, संस्कृत, कन्नड़, मलयालम, और ओड़िया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया जा चुका है। अब मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला को इस सूची में शामिल किया गया है।
महाराष्ट्र में इस फैसले का व्यापक स्वागत किया जा रहा है, खासकर मराठी साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा। इसे मराठी भाषा की समृद्धि और गौरव को और आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें – केंद्र सरकार ने मराठी सहित इन 5 भाषाओं को दिया क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा, यहां देखें पूरी लिस्ट
