लातूर में दो किसानों ने की खुदकुशी, सरकार चुप क्यों? विजय वडेट्टीवार ने सदन में उठाया कृषि संकट का मुद्दा
Maharashtra Assembly Session: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में लातूर में दो किसानों की खुदकुशी का मुद्दा गरमाया। नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर सरकार को घेरा।
- Written By: गोरक्ष पोफली
विजय वडेट्टीवार (सोर्स: आईएएनएस)
Maharashtra Assembly Opposition Walkout: गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राजेश नरवेकर द्वारा राज्य में किसानों की आत्महत्याओं के बढ़ते संकट पर चर्चा के लिए लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए। कृषि संकट के साथ-साथ विपक्ष ने कुख्यात बिश्नोई गिरोह द्वारा कांग्रेस विधायक साजिद पठान को दी गई जान से मारने की धमकियों पर भी चिंता जताई।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कृषि संकट पर तत्काल और व्यापक बहस की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान लातूर में हुई दो किसान आत्महत्याओं की बेहद चिंताजनक खबर का जिक्र किया। उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार इस मामले पर तुरंत अपना रुख स्पष्ट करे।
सरकार पर किसानों की समस्याओं का नजरअंदाज करने का आरोप
विपक्ष ने सरकार पर कृषि संकट, बढ़ते वित्तीय संकट और किसानों की आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं सहित कई गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिन पर सदन में तत्काल और विस्तृत बहस की आवश्यकता है।
सम्बंधित ख़बरें
ST महामंडल के 11 अधिकारियों का तत्काल निलंबन, कार्य में गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई
स्कूल की छत से टपक रहा पानी, पढ़ाई छोड़ बकेट थामने को मजबूर हुए बच्चे; इस ZP स्कूल का VIDEO देख खौल जाएगा खून
शालार्थ ID घोटाला: 11 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, SIT का अब तक का सबसे बड़ा एक्शन, 1100 संशयित घेरे में
साकीनाका मैनहोल हादसे पर भड़कीं मेयर रितु तावड़े; वार्ड ऑफिसर, जेई और एई समेत 4 लोगों के सस्पेंशन का दिया आदेश
विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से तत्काल अपना रुख स्पष्ट करने और राहत उपाय लागू करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए उस पर बढ़ते आर्थिक संकट के कारण किसानों की आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
उठा साजिद पठान से जुड़े सुरक्षा खतरे का मुद्दा
इसके अलावा, सत्र में उस समय अत्यधिक तनाव पैदा हो गया जब वडेट्टीवार ने कांग्रेस विधायक साजिद पठान से जुड़े एक गंभीर सुरक्षा खतरे का मुद्दा उठाया। वडेट्टीवार के अनुसार, विधायक पठान को बिश्नोई गिरोह से एक बार फिर जबरन वसूली और जान से मारने की धमकियां मिली हैं। उन्होंने धमकियों की गहन जांच की मांग की और सरकार से पठान की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रशासन की सुरक्षा आवंटन प्राथमिकताओं पर कटाक्ष करते हुए वडेट्टीवार ने टिप्पणी की कि निदेशक रोहित शेट्टी को 25 सुरक्षा गार्ड दिए गए हैं। इसी तरह की कड़ी सुरक्षा हमारे कांग्रेस विधायकों को भी तत्काल प्रदान की जानी चाहिए, जिन्हें गिरोहों से सक्रिय धमकियां मिल रही हैं।
अध्यक्ष का स्पष्टिकरण ओर विपक्ष का वॉकआउट
सुरक्षा संबंधी चिंताओं का जवाब देते हुए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की सुरक्षा राज्य सरकार की परम जिम्मेदारी है। अध्यक्ष ने सदन को आश्वासन दिया कि खतरे के आकलन के आधार पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, यह आश्वासन विपक्ष को संतुष्ट करने में विफल रहा।
यह भी पढ़ें: साकीनाका मैनहोल हादसे पर भड़कीं मेयर रितु तावड़े; वार्ड ऑफिसर, जेई और एई समेत 4 लोगों के सस्पेंशन का दिया आदेश
महाराष्ट्र के संघर्षरत किसानों की दुर्दशा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए, विपक्षी सदस्य अध्यक्ष के कृषि संकट पर व्यवस्थित बहस से इनकार करने के फैसले के विरोध में सदन से बाहर चले गए।
