

Congress Leader Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सात राज्यों के ओबीसी कांग्रेस के लगभग 300 जिलाध्यक्षों के साथ एक अहम रणनीतिक बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों के ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्षों के अलावा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी दिल से जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण प्रस्तावित जनगणना में ओबीसी कॉलम को शामिल नहीं किया गया है।
राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि पिछड़े वर्ग के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय की बहाली के लिए अब सड़कों पर उतरकर बड़ा जनांदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने कहा कि शेर सब्र से काम लेता है और जल्दबाजी नहीं करता। उन्होंने ओबीसी समुदाय को 'बब्बर शेर' की संज्ञा देते हुए कहा कि जनता अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार है।
इसके अलावा, उन्होंने छात्रों द्वारा किए जा रहे आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बीच भी जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया जा रहा है, ताकि समाज का हर वर्ग अपनी वाजिब हिस्सेदारी के लिए अपनी आवाज बुलंद कर सके।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला और दावा किया कि भाजपा सरकार अब जाने के कगार पर है। वहीं, ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद ने बैठक को अत्यंत सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि सात राज्यों के प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी के समक्ष अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और पिछड़ा वर्ग से जुड़ी जमीनी चुनौतियां रखीं।
कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी 'जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी भागीदारी' के सिद्धांत पर पूरी निष्ठा के साथ कायम है। राहुल गांधी ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे तुरंत धरातल पर जाएं और ओबीसी कॉलम को शामिल कराने और जातिगत जनगणना की मांग को लेकर जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करें।