एकनाथ शिंदे के ऑफर को मारी लात! कांग्रेस छोड़ शिवसेना में जाने का विजय वडेट्टीवार का नहीं है प्लान

Vijay Wadettiwar Denies Joining Shinde Sena 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की खबरों को निराधार बताते हुए अफवाह करार दिया।
Vijay Wadettiwar And Eknath Shinde
विजय वडेट्टीवार ने शिवसेना में जाने की खबर को बताया अफवाह (फोटो क्रेडिट-X)
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Vijay Wadettiwar On Eknath Shinde Offer: 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों को अपने पाले में करने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ने अब विपक्षी खेमे कांग्रेस में बड़ी सेंधमारी की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ दिनों से यह अफवाह बेहद गर्म थी कि विदर्भ में कांग्रेस का बड़ा चेहरा और वरिष्ठ विधायक विजय वडेट्टीवार जल्द ही हाथ का साथ छोड़कर पाला बदल सकते हैं और शिंदे सेना में शामिल हो सकते हैं। इन अटकलों के बाद राज्य की राजनीति में मचे हड़कंप के बीच अब खुद विजय वडेट्टीवार ने सोशल मीडिया पर सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है और पूरी स्थिति स्पष्ट की है।

वडेट्टीवार ने शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों को पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए इसे कांग्रेस को बदनाम करने की एक राजनीतिक शरारत करार दिया है। उनका कहना है कि शिंदे गुट इस तरह की ख़बरें फैला कर जनता का ध्यान असली मुद्दे से भटकना चाहता है।

पद या सत्ता के लिए विचारों से समझौता नहीं करूंगा

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर विरोधियों को करारा जवाब देते हुए विजय वडेट्टीवार ने लिखा, "मैं कांग्रेस पार्टी का एक निष्ठावान और वफादार कार्यकर्ता हूं। पार्टी ने मुझे जो भी जिम्मेदारी दी है, मैंने उसे हमेशा पूरी ईमानदारी से निभाया है। मेरे शिंदे समूह में शामिल होने, किसी नेता से मुलाकात करने की खबरें पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक हैं। कुछ लोग जानबूझकर भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं। पद, प्रतिष्ठा या सत्ता के लालच में आकर अपने वैचारिक सिद्धांतों से समझौता करने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।" वडेट्टीवार ने कुछ मीडिया घरानों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना किसी तथ्य के ऐसे सवाल पूछना पत्रकारिता नहीं, बल्कि राजनीतिक शरारत है।

जनता के बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उड़ाई जा रही हैं अफवाहें

महायुती सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि आज महाराष्ट्र की जनता कई गंभीर संकटों से जूझ रही है। राज्य के किसान बदहाल हैं, बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महिलाएं असुरक्षित हैं। सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में विफल रही है। उन्होंने कहा, "जब मैं एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के नाते इन जनविरोधी नीतियों और सरकार की विफलताओं पर विधानसभा में आवाज उठाता हूं, तो सत्ताधारी दल के लोग बौखला जाते हैं। जनता का ध्यान भटकाने के लिए और मुझे व्यक्तिगत रूप से बदनाम करने के लिए यह पूरा प्रपंच रचा जा रहा है, ताकि असली मुद्दों को दबाया जा सके।"

वडेट्टीवार आएं तो सबसे ज्यादा खुशी होगी

दूसरी तरफ, शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने इस पूरे विवाद पर घी डालने का काम किया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे वडेट्टीवार के प्रवेश को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, "विजय वडेट्टीवार हमारे बहुत अच्छे दोस्त हैं और वे एकनाथ शिंदे साहब के भी बेहद करीबी हैं। हालांकि, उन्होंने पार्टी में शामिल होने को लेकर हमसे सीधे कोई चर्चा नहीं की है। लेकिन वडेट्टीवार विदर्भ के एक बेहद कद्दावर और जन-आधारित नेता हैं। अगर वे भविष्य में कभी भी शिंदे साहब के साथ आकर विकास कार्यों में हाथ बंटाने का फैसला करते हैं, तो मुझे व्यक्तिगत रूप से सबसे ज्यादा खुशी होगी।" उदय सामंत के इस बयान के बाद स्पष्ट है कि महायुती की नजरें अभी भी विपक्ष के असंतुष्ट नेताओं पर टिकी हुई हैं।

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