
महागांव कृषि विभाग की फल उद्यान योजना की खुली पोल (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Mahagaon Horticulture Scam: सरकार किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के उद्देश्य से फल उद्यान योजना चला रही है। इस योजना का लाभ पात्र किसानों को मिलना अनिवार्य है, लेकिन महागांव तालुका कृषि विभाग द्वारा वित्तीय लेन-देन के आधार पर ऐसे किसानों को लाभ दिए जाने का आरोप है जिनके पास सिंचाई की कोई सुविधा ही नहीं है। तालुका के पात्र किसानों का आरोप है कि इस योजना में लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इस मामले की जांच की मांग लगातार उठ रही है।
महागांव तालुका कृषि विभाग पहले भी कई विवादों में रहा है। विभाग की ओर से किसानों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएँ शुरू तो की जाती हैं, लेकिन आरोप है कि तालुका कृषि अधिकारी, कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि सहायक और कृषि पर्यवेक्षक कुछ अपात्र किसानों से रिश्वत लेकर योजनाओं के लाभ को मोड़ देते हैं। यह भी सामने आया है कि जिन किसानों के पास कुआँ, बोरवेल या किसी भी प्रकार की सिंचाई सुविधा नहीं है, उन्हें भी उद्यान योजना का लाभ देते हुए रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इससे वास्तविक पात्र किसान योजना से वंचित रह गए हैं।
सरकार द्वारा किसानों को ट्रैक्टर देने की योजना भी चलाई जा रही है, लेकिन कई किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग के कुछ कर्मचारियों ने उनसे हज़ारों रुपये वसूले। एक ओर विभाग की योजनाएँ छोटे एवं सीमांत किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए हैं, लेकिन दूसरी ओर दलालों के माध्यम से ये योजनाएं अपात्र लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं। इस कारण पात्र किसानों को योजना के लिए कृषि विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जब उद्यान योजना का लाभ लेने वाले किसानों का स्थल निरीक्षण किया गया, तो अधिकांश स्थानों पर बाग या उद्यान दिखाई नहीं दिया। बताया गया कि काली (दौ.) मंडल में उद्यान योजना केवल नाम मात्र की है। अपात्र लोगों को लाभ देने से कृषि विभाग के लाखों रुपये पानी में बह गए हैं।
महागांव शहर के एक कृषि केंद्र में नंदू नामक कर्मचारी (दलाल) के माध्यम से किसानों से अनैतिक लेन-देन किए जाने की चर्चा है। बताया जाता है कि उसी के माध्यम से फर्जी उद्यान योजना का लाभ दिलाया जा रहा है। यदि वरिष्ठ स्तर से लाभार्थियों की जांच की जाए, तो कृषि विभाग के कई अधिकारियों का खुलासा होना तय है। उद्यान योजना के लाभार्थियों की सूची नवभारत के पास उपलब्ध है और जल्द ही लाभ लेने और दिलाने वालों का पर्दाफाश होगा।
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कृषि विभाग का स्थानीय कार्यालय रामभरोसे चलता दिखाई देता है। किसान योजनाओं के लाभ के लिए बार-बार चक्कर लगाते हैं, लेकिन कार्य समय में भी कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं होते। इससे किसानों में भारी रोष व्याप्त है।






