

Kolhapur Gokul Dudh Sangh Election Mahayuti Rift: कोल्हापुर के प्रतिष्ठित गोकुल दूध संघ के आगामी चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में दरारें और अधिक गहरी होती दिख रही हैं। महायुति घटकों के बीच सीट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान के बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए सभी 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इस फैसले के बाद से कोल्हापुर का स्थानीय राजनीतिक माहौल बेहद गर्मा गया है और गठबंधन सहयोगियों के बीच तनाव साफ देखा जा सकता है।
कोल्हापुर में मंत्री चंद्रकांत पाटिल की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद विधायक अमल महाडिक ने इसकी जानकारी दी। भाजपा की इस भूमिका से महायुति के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान और बढ़ने के संकेत हैं। कोल्हापुर के एक होटल में गोकुल चुनाव के मद्देनजर भाजपा के सांसदों और विधायकों की बैठक हुई। इसमें महायुति में भाजपा को अधिक से अधिक सीटें देने की मांग चंद्रकांत पाटिल के सामने रखी गई।
इसके बाद भाजपा ने सभी 25 सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। गोकुल में सबसे अधिक प्रस्तावक संस्थाओं का समर्थन रखने वाले चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ की अगली भूमिका पर भी राजनीतिक हलकों की नजर है।
गोकुल की पात्र और अपात्र संस्थाओं को लेकर भी महायुति के नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं। हसन मुश्रीफ ने धनंजय महाडिक पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि उनकी सौदेबाजी की ताकत कम करने का प्रयास किया गया। इसी बीच भाजपा ने सभी सीटों पर चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।
भाजपा विधायक शिवाजी पाटिल और हसन मुश्रीफ के बीच भी पिछले कुछ महीनों से मतभेद की चर्चा है। शिवाजी पाटिल को अलग रखकर महायुति का पैनल तैयार करने को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में भाजपा की सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी ने गोकुल चुनाव की तस्वीर को और जटिल कर दिया है।
इधर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता हसन मुश्रीफ ने गोकुल दूध संघ का चुनाव निर्विरोध होने की संभावना को साफ तौर पर खारिज किया है। उन्होंने कहा कि नेताओं के अलग-अलग दावों और प्रतिदावों के बीच चुनाव निर्विरोध होना संभव नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव महायुति के रूप में लड़ा जाएगा और महायुति ही जीतेगी। मुश्रीफ ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अभी कोई बैठक नहीं हुई है। 7 अक्टूबर से पहले फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अपात्र संस्थाओं को लेकर हसन मुश्रीफ ने कहा कि अपात्र ठहराई गई संस्थाओं में 75 प्रतिशत संस्थाएं राष्ट्रवादी कांग्रेस, शिवसेना और जनसुराज्य से जुड़ी थीं, जबकि करीब 15 प्रतिशत संस्थाएं कांग्रेस से संबंधित थीं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को बचाने का प्रयास करना उनके लिए जरूरी था।
गोकुल की 25 सीटों के लिए महायुति में किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। भाजपा की सभी सीटों पर तैयारी और मुश्रीफ के निर्विरोध चुनाव से इनकार के बाद अब 7 अक्टूबर से पहले होने वाली बैठकों पर सबकी नजर रहेगी।