मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा, महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ का बड़ा ऐलान, जानें क्या है मामला

Hasan Mushrif Statement: महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने स्पष्ट किया है कि वे गोकुल दूध संघ का चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बयान से कोल्हापुर की राजनीति में जारी अटकलों पर विराम लग गया।
Hasan Mushrif announced that he would not contest the Gokul Milk Union election in Kolhapur
हसन मुश्रीफ (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Hasan Mushrif On Gokul Doodh Sangh Election: महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर की सहकारिता राजनीति में जारी सबसे बड़ी हलचल को शांत कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की है कि वे कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल दूध संघ) का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मुश्रीफ के इस आधिकारिक बयान के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही उन तमाम राजनीतिक अटकलों और कयासों पर विराम लग गया है, जिसमें कहा जा रहा था कि वे खुद चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

राजनीतिक गहमागहमी के बीच चर्चाओं पर विराम

कोल्हापुर जिले में प्रसिद्ध गोकुल दूध संघ की राजनीति को लेकर लंबे समय से माहौल गर्म था। संस्था में प्रशासक की नियुक्ति, नए प्रस्तावों को लेकर विवाद और विभिन्न राजनीतिक गुटों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह चर्चा बहुत तेज हो गई थी कि हसन मुश्रीफ व्यक्तिगत रूप से इस बार उम्मीदवारी ठोक सकते हैं। हालांकि, एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी।

क्या बोले हसन मुश्रीफ?

महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने स्पष्ट किया है कि वह गोकुल दूध संघ का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मुश्रीफ ने कहा कि मैं गोकुल दूध संघ के चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनूंगा। उनके इस बयान से पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लग गया है।

दरअसल गोकुल दूध संघ की राजनीति को लेकर कोल्हापुर जिले में इन दिनों माहौल गर्म है। प्रशासक की नियुक्ति, संस्था के प्रस्तावों और विभिन्न आरोप-प्रत्यारोपों के बीच यह चर्चा तेज थी कि हसन मुश्रीफ स्वयं चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि उन्होंने अब इस पर पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट कर दी है।

हसन मुश्रीफ ने यह ऐलान पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम किया। इस दौरान पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को किट, छात्रवृत्ति स्वीकृति पत्र और आवास योजना के मंजूरी पत्र वितरित किए गए। अपने संबोधन में मुश्रीफ ने कहा कि निर्माण श्रमिक कल्याण समिति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रमिक हर वर्ष अपना पंजीकरण नवीनीकृत कराएं।

योजनाओं का लाभश्रमिकों तक पहुंचे

मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ श्रमिकों तक पहुंचे, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके और उनके बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और आईपीएस जैसे पदों तक पहुंच सकें। वहीं शाहू सहकार समूह के अध्यक्ष समरजीत सिंह घाटगे ने कहा कि संजय गांधी निराधार योजना समिति और निर्माण श्रमिक कल्याण समिति की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के मामले में कागल तहसील जिले ही नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र में अग्रणी है।

क्या है गोकुल दूध संघ?

कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड अपने लोकप्रिय ब्रांड ‘गोकुल’ से सुप्रसिद्ध है। यह एक ऑपरेशन फ्लड सहकारी डेयरी प्रोजेक्ट है जिसकी स्थापना 16 मार्च 1963 को हुई थी। तब से इसने दूध खरीद, विस्तार, पशु स्वास्थ्य, प्रजनन, दूध प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और विपणन के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।

वर्तमान में गोकुल के पास 17 लाख लीटर/दिन की क्षमता वाला आधुनिक डेयरी संयंत्र, शिरोल तालुका के उदगांव में एक उपग्रह डेयरी और नवी मुंबई में आधुनिक पैकिंग इकाई सहित कुल 8 लाख लीटर/दिन दूध क्षमता वाले 4 स्वयं के चिलिंग सेंटर हैं।

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