Jalna Youth Drug Prevention ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Youth Drug Prevention: जालना उद्यमी सुनील रायठड्डा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
यदि समाज मिलकर नशे के खिलाफ खड़ा हो जाए तो परिवार, शहर, राज्य व देश को सुरक्षित बनाया जा सकता है। उनका मत था कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए बच्चों के साथ ही माता-पिता का परामर्श भी जरूरी है, ताकि परिवार स्तर पर भी जागरूकता बढ़े व यह अभियान अधिक प्रभावी हो सके।
जिले में नशे के बढ़ते खतरे पर रोक लगाने व समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से ‘सेफ जालना’ अभियान के तहत विशेष जन जागरण कार्यक्रम में वे विचार रख रहे थे। सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिनिधियों व प्रशासन के साथ मिलकर अभियान की शुरुआत कर काम करने की हामी भरी।
बैठक में मेडिकल प्रतिनिधि, डॉक्टर, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए सुझावों पर सकारात्मक विचार बैठक में जिले में नशे की समस्या, इसके पीछे के कारणों व इससे निपटने के प्रभावी उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। सामाजिक संस्थाओं की ओर से दिए गए सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए भविष्य में संयुक्त रूप से कार्य करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नौयानी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी, पुलिस निरीक्षक संदीप भारत्ती, पुलिस निरीक्षक जेबी शेवाले, बालासाहेब पवार, खाद्य व मिलावट नियंत्रण विभाग के प्रभारी जाधव, संजय सोनवणे, शहर के विभिन्न एनजीओ, मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, व्यापारी मौजूद थे।
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अभियान के जरिए व्यसन मुक्त शहर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं व नागरिक मिलकर काम करेंगे। एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी सचिन इंगेवाड़ व स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ ने नशे के अवैध कारोबार, इसके पीछे सक्रिय तस्करों व उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी।