Jalna Petrol Diesel Rumors (फोटो क्रेडिट-X)
Fuel Rationing Maharashtra: महाराष्ट्र के जालना जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर फैली एक अफवाह ने प्रशासन की रातों की नींद उड़ा दी है। ईंधन खत्म होने के डर से नागरिक बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े हैं, जिससे जिले भर में अफरातफरी का माहौल बन गया है। स्थिति को अनियंत्रित होता देख जालना की जिला आपूर्ति अधिकारी सविता चौधरी ने तत्काल प्रभाव से कड़े प्रतिबंध लागू करने का आदेश जारी किया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोग केवल अफवाहों के कारण घबरा रहे हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने और स्टॉक के समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री के लिए एक सीमा तय कर दी है। नए आदेश के अनुसार:
दोपहिया वाहन: अधिकतम 200 रुपये तक का पेट्रोल।
चार पहिया वाहन: अधिकतम 2,000 रुपये तक का ईंधन।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करें और स्टॉक को कृत्रिम कमी से बचाया जा सके।
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अफवाहों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने अब हर पेट्रोल पंप संचालक के लिए ‘सूचना पट्ट’ लगाना अनिवार्य कर दिया है। संचालकों को निम्नलिखित जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी:
इससे नागरिकों को विश्वास होगा कि आपूर्ति श्रृंखला निरंतर बनी हुई है और वे अनावश्यक कतारों में लगने से बचेंगे।
जालना के कई पंपों पर लंबी कतारों के कारण यातायात बाधित हो रहा है, जिसे संभालने के लिए पुलिस की मदद ली जा रही है। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ईंधन की कमी की झूठी खबरें फैलाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे संयम बरतें और केवल जरूरत के हिसाब से ही ईंधन भरवाएं।