

11th Day Of Manoj Jarange Hunger Strike In Jalna: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल का अंतरवाली सराटी में अनशन मंगलवार को 11वें दिन भी जारी है। आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मराठा, कुनबी और सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के लिए शिक्षा, वित्तीय सहायता और रोजगार से जुड़े चार अहम फैसले किए हैं।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने 2026-27 से मराठा छात्रों को ओबीसी श्रेणी के बराबर शैक्षणिक रियायतें और लाभ देने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं ईबीसी, ईडब्ल्यूएस और एसईबीसी छात्रों के लंबित हॉस्टल मेंटेनेंस भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
सरकार ने सारथी की विदेशी छात्रवृत्ति योजना में भी बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस सीधे संबंधित विदेशी विश्वविद्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा छात्रों को सालाना 1,500 डॉलर और ब्रिटेन में पढ़ने वालों को 1,100 पाउंड का अतिरिक्त रहने व आकस्मिक खर्च भत्ता मिलेगा।
दूसरी ओर सारथी पुणे ने आईडीटीआरएस पिंपरी-चिंचवड़ के साथ समझौता किया है। इसके तहत 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं को एलएमवी, एचएमवी और कंडक्टर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम 1 अक्टूबर से शुरू होगा और कम से कम 1,000 युवाओं के लिए रोजगार या स्वरोजगार सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
कुनबी रिकॉर्ड के सत्यापन को लेकर भी सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मराठवाड़ा के संभागीय आयुक्तों और जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हैदराबाद गजेटियर के आधार पर रिकॉर्ड सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
छत्रपति संभाजीनगर जिले में पहचान किए गए रिकॉर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। अधिकारियों को सत्यापित गांव-विशिष्ट रिकॉर्ड संबंधित ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर भी प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र के सभी जिलों के मराठा समुदाय से 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी पहुंचने की अपील की है। उन्होंने समर्थकों से तत्काल मुंबई की ओर रवाना होने के बजाय पहले रणनीतिक बैठक में शामिल होने को कहा है।
जरांगे के मुताबिक इसी बैठक में मुंबई मार्च की अंतिम तारीख और रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने समर्थकों से पुलिस कार्रवाई की स्थिति में घबराने, भागने या भगदड़ मचाने के बजाय शांत रहने की अपील की है। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिसकर्मियों को किसी भी तरह निशाना नहीं बनाने का निर्देश दिया है।