Jalna: 1.20 करोड़ की जल जीवन मिशन टंकी फेल, गांव में अब भी सूखे नल
Maharashtra: 1.20 करोड़ की जल जीवन मिशन परियोजना सामनगांव में फेल हो गई। टंकी की गलत ऊंचाई, घटिया पाइपलाइन और निर्माण त्रुटियों के कारण गांव में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे में जल संकट (सौ. सोशल मीडिया )
Jalna News In Hindi: शहर से सटे सामनगांव स्थित गैबनशहा वाड़ी में जल जीवन मिशन के नाम पर हुआ काम अब ग्रामीणों के लिए आशा नहीं, बल्कि हताशा का कारण बन गया है।
जिस जलकुंभ को गांव की जीवन रेखा बताया गया था व 1 करोड़, 20 लाख रुपए खर्च करने के बावजूद आज भी गांव के नल सूखे पड़े हैं। तीन साल से अधिक समय तक चली उक्त परियोजना महज शोपीस बन रह गई है व नागरिकों की पेयजल की समस्या खत्म नहीं होने से उनमें नाराजगी व्याप्त है।
बिना कॉलम के समतल जमीन पर ही टेकड़ी पर टंकी बनाई गई है। ऊंचाई की कमी के चलते पानी का दबाव गांव तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। पाइप का डायमीटर भी इतना छोटा है कि टंकी से मात्र 200 मीटर दूरी पर स्थित घरों तक भी पानी नहीं पहुंच रहा, सप्ताह भर पहले पाइपलाइन में पानी छोड़ा गया, पर किसी भी घर के नल में एक बूंद पानी तक नहीं आने से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
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इंजीनियर व ठेकेदार पर भ्रष्टाचार का लगे आरोप
ग्रामीणों ने इंजीनियर, ठेकेदार स्थानीय प्रशासन पर गंभीर मिलीभगत व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। उनका कहना है कि सरकारी पैसा भी पानी में बहाकर जनता को भी प्यासा छोड़ा गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि टंकी निर्माण व पाइपलाइन बिछाने का काम टेंडर व इस्टिमेट के अनुसार नहीं किया गया, पाइपलाइन घटिया व हल्की है।
कई जगहों से पाइप फट चुके हैं व वितरण नेटवर्क अधूरा छोड़ा गया है। कई घरों को अब तक नल कनेक्शन तक नहीं दिया गया है, है, गांव के निवासी मौलाना मुनीब कहगी ने कहा कि टंकी बनते देख में तीन वर्ष से उम्मीद कर रहे थे कि उनके गांव में पानी आएगा।
ग्रामीणों ने बार-बार कहा था कि इसे समतत जमीन पर मत बनाओ, कॉलम खड़ा कर ऊंचाई दी जाए, पर किसी ने नहीं सुनी। 1।20 करोड़ खर्च होने के बाद भी हमारे घरों में पानी की एक बूद नहीं है। अब सब का बांध टूट रहा है।
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मामले की निष्पक्ष जांच कराने की उठी मांग
- लंकेश्वर चिरखे, प्रल्हाद नेमाने संग अन्य ग्रामीणों ने जिला परिषद के सीईओ को शिकायती पत्र में सरकारी पाइपलाइन में एक किसान की ओर से निजी सिंचाई के लिए अवैध लाइन जोड़ने का आरोप लगाया है।
- ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि पहले से पानी के लिए तरस रहे परिवारों के साथ अन्याय है।
- ग्रामीणों ने चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन करेंगे। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया गया।
- गांव की उम्मीदें आज भी पानी की एक बूंद के इंतजार में हैं। हालांकि, प्रशासनिक लापरवाही व तकनीकी त्रुटियों ने जल जीवन मिशन को सामनगांव में एक अधूरी कहानी व खोखला वादा बनाकर छोड़ दिया है।
