जालना मनपा पर सवाल: अधिकृत नल को बताया अनधिकृत, 7,500 की जबरन वसूली से मचा हड़कंप
Jalna Municipal Corporation: जालना में अधिकृत नल कनेक्शन को अनधिकृत बताकर 7,500 रुपये की जबरन वसूली का मामला सामने आया है। निजी एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं और जांच व वसूली रोकने की मांग की गई।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Water Connection Recovery Case: जालना अधिकृत नल कनेक्शन होने के बावजूद उसे अनधिकृत बताकर 7,500 रुपए की जबरन वसूली किए जाने की घटना प्रकाश में आने के बाद मनपा के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की गहन जांच कराने, संबंधित निजी एजेंसी से तत्काल वसूली का कार्य वापस लेने व अधिकृत नल कनेक्शन वाले नागरिकों पर की जा रही कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित मकान में नल कनेक्शन पहले से अधिकृत था। बावजूद इसके मनपा की ओर से नियुक्त निजी एजेंसी ने उसे अनधिकृत घोषित कर राशि भरने के लिए मजबूर किया।
सम्बंधित ख़बरें
TET पेपर लीक से 5 लाख अभ्यर्थियों को झटका, CM फडणवीस ने SIT जांच के दिए आदेश
मध्य रेल की 12 लोकल होगी रद्द! हजारों आम यात्री राम भरोसे, नॉन एसी की जगह चलेगी एसी लोकल
वर्धा से शेगांव और शिर्डी के लिए नई ST बस सेवा शुरू, पालकमंत्री पंकज भोयर ने किया शुभारंभ
शिपगांव हत्याकांड: खेत मजदूर की निर्मम हत्या, शरीर पर गहरे चोट के निशान
मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता साद बिन मुबारक ने जिलाधिकारी आशिमा मित्तल को ज्ञापन सौंपकर कहा कि काजीपुरा, टांगा स्टैंड क्षेत्र निवासी नसीब शेख नसीर ने वर्ष 2023 में भूमि मापन क्रमांक 3251, क्षेत्रफल 17.40 वर्ग मीटर की संपत्ति खरीद दस्तावेज क्रमांक 3736/2023 के माध्यम से खरीदी थी।
सत्यापन के बिना नल को बताया अनधिकृत
उक्त संपत्ति उनकी बहन के नाम पर है व नामांतरण प्रक्रिया अभी लंबित है। नामांतरण के संबंध में पूछताछ करने पर बिना टैक्स भुगतान के प्रक्रिया पूरी न होने की जानकारी दी गई।
मकान में अधिकृत नल कनेक्शन मौजूद था, मनपा की नियुक्त एजेंसी ने किसी ठोस जांच या सत्यापन के बिना उसे अनधिकृत बताते हुए 7,500 वसूल लिए।
साद बिन मुबारक ने आरोप लगाया कि पूर्व मालिक के नाम पर जारी नोटिस उपलब्ध होने के बावजूद तथ्यात्मक पड़ताल नहीं की गई। उक्त राशि जमा कराने के बाद भी संबंधित कर्मियों ने नागरिकों से कुल 24,011 रुपए टैक्स के रूप में भरने की बात कही।
यह भी पढ़ें:- 42 हजार हुड़दंगियों पर शिकंजा चुनाव से पहले नाशिक में ‘क्लीनअप’ अभियान तेज
इससे संदेह और गहरा होता है कि वैध कनेक्शन होते हुए भी नागरिकों को अनधिकृत कार्रवाई के जरिए आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। भुगतान फोनपे के जरिए किया गया, जिसकी रसीद निवेदन के साथ संलग्न है।
