- Hindi News »
- Maharashtra »
- Jalna »
- Jalna Mosambi Gi Branding Demand Cm Meeting
GI मान्यता के बावजूद मार्केटिंग कमजोर, जालना मोसंबी पर फोकस; सरकार से प्रचार की मांग
Jalna Farmers Association: GI मान्यता प्राप्त जालना मोसंबी को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत ब्रांड बनाने के लिए बागायतदार संघ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रभावी मार्केटिंग की मांग क
- Written By: अंकिता पटेल

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Mosambi GI: जालना जिले की पहचान बन चुकी और भौगोलिक संकेतक (GI) मान्यता प्राप्त जालना मोसंबी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए जालना जिला फल एवं मोसंबी बागायतदार संघ ने ठोस कदम उठाए हैं।
जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर संघ ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जालना मोसंबी को उसका वास्तविक ब्रांड मूल्य दिलाने हेतु सरकारी स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग व प्रचार अभियानों की मांग की।
ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष पांडुरंग डोंगरे और सचिव अतुल लड्ढा ने मोसंबी उत्पादन के महत्व और बागायतदारों की अपेक्षाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि जालना जिले में वर्तमान में लगभग 40 हजार एकड़ क्षेत्र में मोसंबी की रिकॉर्ड पैदावार होती है।
सम्बंधित ख़बरें
16 साल का ड्राइवर और खौफनाक अंत, महिला को हवा में उछाला, हादसे का वीडियो देख कांप जाएगी रूह
बाल खींचकर युवती को चलती ट्रेन से नीचे उतारा, कल्याण स्टेशन पर महिला की गुंडागर्दी का हैरान करने वाला वीडियो
BJP-UBT गठबंधन को उद्धव ठाकरे की हरी झंडी, उध्दव की दोहरी चेतावनी, कहा-BJP का विरोध भी करें
फलों पर चूहा मारने की दवा का छिड़काव, मुंबई के मलाड में फल विक्रेता को पुलिस ने किया गिफ्तार
काली-मुरमाड़ मिट्टी जलवायु के है अनुकूल
क्षेत्र की विशिष्ट काली-मुरमाड़ मिट्टी और अनुकूल जलवायु के कारण जालना की मोसंबी स्वाद, सुगंध तथा मैग्नीशियम और टीएसएस जैसे पोषक तत्वों की दृष्टि से अन्य क्षेत्रों की तुलना में श्रेष्ठ मानी जाती है।
इन्हीं विशेषताओं के चलते करीब एक दशक पहले जालना मोसंबी को GI मान्यता प्राप्त हुई थी। संघ ने यह भी रेखांकित किया कि इतनी उच्च गुणवत्ता और समृद्ध विरासत के बावजूद जालना मोसंबी को अभी तक अपेक्षित राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल सकी है।
GI मान्यता केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि स्थानीय मिट्टी और किसानों की मेहनत की कानूनी पहचान है, इसलिए इसका प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ किसानों तक पहुंचना आवश्यक है।
मार्केटिंग को सशक्त बनाने के लिए संघ ने कई नवाचारी सुझाव दिए। इनमे समृद्धि महामार्ग, राष्ट्रीय राजमागों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर “GI पंजीकृत जालना मोसंबी का जिला जैसे संदेश वाले बड़े साइनबोर्ड लगाने की मांग प्रमुख है।
इसके साथ ही छत्रपति संभाजीनगर एयरपोर्ट तथा जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में मोसंबी से जुड़ी जानकारी देने वाले डिजिटल डिस्प्ले और क्यूआर कोड युक्त पोस्टर लगाने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि उपभोक्ताओं को सीधे बागायतदारों की जानकारी मिल सके।
किसानों को मिलेगा फायदा
संघ ने कृषि विभाग से आग्रह किया कि वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जालना मोसंबी के प्रचारात्मक वीडियो जारी करें और राज्य व राष्ट्रीय स्तर की कृषि प्रदर्शनियों में इसके लिए अलग सरकारी पवेलियन उपलब्ध कराए।
GI टैग के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि इससे नकली उत्पादों से किसानों की सुरक्षा होती है और उपभोक्ताओं को प्रामाणिक उत्पाद की गारंटी मिलती है।
प्रभावी ब्रांडिंग के अभाव में अन्य राज्यों द्वारा जालना के नाम के दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है, जिसका सीधा नुकसान स्थानीय किसानों को होता है। संघ का कहना है कि GI टैग के साथ बेहतर पैकेजिंग और निर्यात प्रोत्साहन मिलने पर किसानों को प्रीमियम मूल्य मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
यह भी पढ़ें:-एडवांटेज महाराष्ट्र Expo 2026: शेंद्रा MIDC में उद्योगों का महाकुंभ; पुलिस ने दिए सुरक्षा के आश्वासन
साथ ही विद्यालय स्तर पर “नो योर डिस्ट्रिक्ट क्रॉप जैसे अभियानों के माध्यम से नई पीढ़ी में स्थानीय फसलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया ज्ञापन में उम्मीद जताई गई कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग को आवश्यक निर्देश देंगे, ताकि जालना मोसंबी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान और सम्मान मिल सके।
Jalna mosambi gi branding demand cm meeting
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
‘शाही प्रोटोकॉल’ पर मचा बवाल…तो BSNL डायरेक्टर पर चला सिंधिया का हंटर, अफसरों से उठवा रहे थे तौलिया-जांघिया!
Feb 25, 2026 | 06:25 PM16 साल का ड्राइवर और खौफनाक अंत, महिला को हवा में उछाला, हादसे का वीडियो देख कांप जाएगी रूह
Feb 25, 2026 | 06:23 PMलड़कियों के लिए खुशखबरी, पिंक रंग में आ रहा Nothing Phone 4a, जानिए क्या होगा खास
Feb 25, 2026 | 06:22 PMमहाराष्ट्र ST के मुकाबले अन्य राज्यों को डीजल खरीदी में ज्यादा छूट! मंत्री सरनाईक की तेल कंपनियों को दो-टूक
Feb 25, 2026 | 06:17 PMरश्मिका-विजय देवरकोंडा की शुरू हुई हल्दी सेरेमनी, दूल्हे राजा ने दिखाई डेकोरेशन की खास झलक
Feb 25, 2026 | 06:14 PMप्रशासनिक विकेंद्रीकरण के लिए ‘ब्रह्मपुरी’ जिला बनना जरूरी, बालकृष्ण शेलके ने उठाई मांग
Feb 25, 2026 | 06:10 PMFIH Pro League में भारत ने तोड़ा हार का सिलसिला, शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया
Feb 25, 2026 | 06:10 PMवीडियो गैलरी

टिकट काटने वाले काट रहे गरीबों की जेब! आनंद बिहार रेलवे स्टेशन पर टिकट बाबू ने किया गजब का कांड, देखें-VIDEO
Feb 25, 2026 | 05:54 PM
दलित दंपति को सरेआम बेइज्जत कर मंदिर से बाहर निकाला
Feb 25, 2026 | 05:46 PM
झुग्गी झोपड़ी-फुटबॉल और क्राइम…क्या है Amitabh Bachchan की Jhund वाले विजय बारसे की असली कहानी?
Feb 24, 2026 | 07:45 AM
रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM













