Jalna Religious Festival ( Source: Social Media )
Jalna Religious Festival: जालना स्टीलनगरी में ईद-उल-फित्र का त्योहार बड़े ही प्यार, शांति व भाईचारे के माहौल में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। शहर को अलग-अलग मस्जिदों व ईदगाहों में नमाज से पहले लोगों को अमन बनाए रखने, एक-दूसरे के साथ मिलजुलकर रहने व जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी गई।
नमाज के बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चिंता जताकर अमेरिका व इजराइल की कार्रवाई का विरोध कर नफरत से दूर रहकर इंसानियत के साथ खड़ा रहने का संदेश दिया गया।
नया जालना के सदर बाजार ईदगाह में काजी नूरुद्दीन ने ईद की नमाज पढ़ाई। यहां मुफ्ती फहीम ने अकीदतमंदों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज का समय आसान नहीं है। ऐसे वक्त में घबराने की नहीं, बल्कि सन्न व समझदारी से काम लें।
मुस्लिम समाज ने हमेशा देश के लिए आगे बढ़कर काम किया है और आगे भी यही जिम्मेदारी निभानी है। लोग बड़ी
संख्या में कब्रिस्तान पहुंचे व दिवंगतों को फूल पेश किए। शांति, एकता व भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
कदीम जालना इंद पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने पहुंच लोगों की मुबारकबाद दी। इस समय सांसद डॉ. कल्याण काले, पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, महापौर वेदना मगरे, उपमहापौर राजेश राऊत, शाहा आलम खान, तैयब बापू देशमुख, आमेर पाशा, अब्दुल मुजीब अय्यूब खान, बदर चाऊस, फिरोज अली, गुफरान मौलाना, ईसा खान सग कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तिया मौजूद रही।
कदीम जालना ईदगाह में हाफिज शब्बीर मौलाना ने नमाज पढ़ाई, इस अवसर पर इकबाल पाशा ने कहा कि कुछ लोगों समाज में फूट डालने की कोशिश करने से आज देश व राज्य के हालात थोड़े चिंताजनक हैं, ऐसे लोगों पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, गांधी नगर की ईदगाह रहमानिया में मुफ्ती फारूख ने नमाज पढ़ाई, अकबर खान बने खान ने कहा कि आज के हालात में सबसे जरूरी है कि हम अपने व्यवहार से जवाब दें।
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अगर हमारा आचरण अच्छा होगा व हम सच्याई के रास्ते पर चलेंगे, तो नफरत फैलाने वालों को खुद ही जवाब मिल जाएगा। आयोजन को सफल बनाने में अमजद खान, फहीम शेख, हाजी मुनीर, शेख सलीम, राजा, कलीम, अफसर ने परिश्रम किए।