जालना मनपा में सियासी हलचल, अनुशासनहीनता पर कांग्रेस सख्त, कांग्रेस ने 7 नगरसेवकों को किया निलंबित
Jalna Congress Corporators Suspended: जालना में कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 7 नगरसेवकों को निलंबित कर दिया। इन पर भाजपा को समर्थन देने का आरोप है।
- Written By: अंकिता पटेल
Jalna Congress Disciplinary Action ( Source: Social Media )
Jalna Congress Disciplinary Action: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जालना महानगरपालिका के 7 नगरसेवकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें संबंधित सदस्यों द्वारा पार्टी अनुशासन के उल्लंघन की पुष्टि हुई है।
कांग्रेस के आधिकारिक आदेश के अनुसार, इन नगरसेवकों ने स्वीकृत सदस्य नियुक्ति के दौरान भारतीय जनता पार्टी को खुला समर्थन दिया, जो पार्टी लाइन के खिलाफ माना गया।
इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की गई। पार्टी से निलंबित किए गए सदस्यों में गटनेता फारूक सादिक तुंडीवाले, इम्रान खान अमानुल्ला खान, फरहाना अ. रऊफ अंसारी, सुनील अशोक बोरडे, मयूरी दिनेश देने, रुबीना मजीद पठान और अनिल अशोक तिरुखे शामिल हैं। यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के निर्देश पर की गई है।
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी सातों नगरसेवक अगले आदेश तक पार्टी से निलंबित रहेंगे। आदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एड। गणेश पाटील द्वारा जारी किया गया है। हालांकि, पार्टी से निलंबन की कार्रवाई की गई है, लेकिन इन सभी नगरसेवकों के मनपा सदस्य पद पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
निलंबन वापस लेने की मांग, राजनीतिक हलचलें हुई तेज
उन्होंने यह भी कहा कि नामित सदस्य विनीद रत्नपारखे का चयन पार्टी हित में किया गया था। रत्नपारखे ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में दोबारा प्रवेश किया है और उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि जब नामीत सदस्य के चयन के लिए न तो जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख और न ही शहराध्यक्ष ने कोई बैठक की तब महिला जिलाध्यक्ष नंदा पवार के निर्देश पर विनोद रत्नपारखे का चयन करने का निर्णय लिया गया, इसलिए इसे पार्टी विरोधी गतिविधि करार नहीं दिया जा सकता।
सैय्यद रहीम ने पार्टी नेतृत्व से मांग की है कि इन साती नगरसेवकों का निलंबन वापस लिया जाए और जिला व शहर स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उन पर कार्रवाई की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालना की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर महानगरपालिका की राजनीति और कांग्रेस संगठन पर देखने को मिल सकता है,
नगरसेवक पद पर कोई खतरा नहीं
ये निर्वाचित प्रतिनिधि होने के कारण अपने पद पर बने रहेंगे तथा एक गट के रूप में इन लोगों ने अपने अधिकार का उपयोग किया था, इसलिए इनकी मनपा सदस्यता पर फिलहाल खतरा नहीं।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व उपनगराध्यक्ष और नगरसेविका फरहाना अंसारी के पति सैयद रहीम ने कहा कि निलंबित नगरसेवकों ने पार्टी को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत करने का काम किया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख और अन्य स्थानीय पदाधिकारी पहले से ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे है। यहीम के अनुसार, चुनाव के दौरान टिकट वितरण में भी गंभीर अनियमितताएं हुई, यहां तक कि टिकट बेचने तक की चर्चाएं सामने आई थी।
