लापरवाही की परिसिमा: जेली की जगह गर्भवती महिला के पेट पर लगा दिया एसिड
प्रसव के लिए भोकरदन ग्रामीण अस्पताल में भर्ती महिला उस समय गंभीर रूप से घायल हो गई जब प्रसव पूर्व सोनोग्राफी के दौरान नर्स ने उसके पेट में जेली की जगह एसिड लगा दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
गर्भवती महिला के पेट पर लगा दिया एसिड (सौजन्यः सोशल मीडिया)
जालना: जालना से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रसव पूर्व सोनोग्राफी के दौरान प्रसव के लिए भर्ती महिला के पेट में तेजाब डाल दिया गया। यह घटना जालना के भोकरदन के ग्रामीण अस्पताल में हुई। इस घटना के बाद महिला ने एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया और गंभीर रूप से जलने के कारण उसका भोकरदन ग्रामीण अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार प्रसव के लिए भोकरदन ग्रामीण अस्पताल में भर्ती महिला उस समय गंभीर रूप से घायल हो गई जब प्रसव पूर्व सोनोग्राफी के दौरान नर्स ने उसके पेट में जेली की जगह एसिड लगा दिया। इस प्रसव के लिए भर्ती महिला का नाम शिला संदीप भालेराव है।
बच्चे को जन्म दिया
सोनोग्राफी के आधे घंटे बाद महिला ने एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया। बच्चा स्वस्थ है। हालांकि महिला के पेट समेत संवेदनशील हिस्सों में जलन के कारण उसका इलाज चल रहा है। एसिड इंफेक्शन के कारण महिला गंभीर रूप से जल गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Jalna Canara Bank में 7.31 करोड़ का गोल्ड लोन घोटाला, नकली आभूषण रखकर असली गायब
असली सोना गायब, नकली से भरी तिजोरी, जालना में 7.31 करोड़ का गोल्ड लोन घोटाला असली सोना गायब
Jalna Crime News: केनरा बैंक में अंदरूनी डकैती, 7.31 करोड़ का सोना गायब, अधिकारी ही निकला चोर
Jalna Water Crisis 2026: जालना में भीषण जल संकट, 36% रह गया जल भंडार, 17 टैंकरों से बुझ रही प्यास
दर्द से चिल्लाने लगी महिला
अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को बताया कि नर्स ने गलती से ग्रामीण अस्पताल में भर्ती एक भाई की दवा की ट्रे में घोल की जगह एसिड डाल दिया था। हालांकि, परिजनों ने नर्स से पूछा कि सोनोग्राफी के दौरान बच्चे की धड़कन जांचते समय नर्स ने गर्भवती महिला के पेट पर एसिड डाला तो वह चिल्लाने लगी।
‘देवेंद्र फडणवीस के बाप दिल्ली में बैठकर…’, संजय राउत का BJP पर तीखा वार
भोकरदन ग्रामीण अस्पताल की कुव्यवस्था
महिला के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाया है कि नर्स ने उस पर चिल्लाया और 2 घंटे तक अस्पताल से भाग गई। इस बीच, महिला पर भोकरदन ग्रामीण अस्पताल का सदस्य होने का आरोप लगाया जा रहा है क्योंकि वह गंभीर रूप से जल गई थी। इस घटना ने भोकरदन ग्रामीण अस्पताल की कुव्यवस्था को सामने ला दिया है।
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. राजेंद्र पाटिल ने क्या कहा
डॉ राजेंद्र पाटिल ने कहा, मुझे चिकित्सा अधीक्षक से मिली जानकारी के अनुसार, शिला संदीप भालेराव अपने तीसरे बच्चे से गर्भवती थीं। उन्होंने सुबह करीब 6:30 बजे बच्चे को जन्म दिया। बच्चे की दिल की धड़कन सुनने के लिए डॉपलर का इस्तेमाल किया जाता है। उस समय जेली लगाने की जगह गलती से फिनाइल या आयोडीन जैसा कोई रसायन वहां मौजूद नर्स के हाथ पर लग गया था। इस वजह से सतही जलन हुई है।
बच्चा और मां दोनों हालत स्थिर
अब इसका दवा से इलाज करने को कहा गया है। क्या यह गलती से हुआ या जानबूझकर किया गया? चिकित्सा अधीक्षक को एक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। फिलहाल बच्चा और मां दोनों अच्छी हालत में हैं। घबराने की कोई बात नहीं है। हम अस्पताल में एसिड का इस्तेमाल नहीं करते हैं, जो इस्तेमाल किया गया वह फिनाइल रहा होगा। यह चिकित्सा अधीक्षक की राय है। उन्हें जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। फिलहाल बच्चा और मां दोनों अच्छी हालत में हैं।
