

Jalgaon Bus Bullock Cart Accident: जलगांव से छत्रपति संभाजीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह भीषण दुर्घटना जामनेर तालुका के वाकोद गांव के पास घटित हुई, जहां एक तेज रफ्तार निजी बस ने सड़क किनारे खड़ी बैलगाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि भारी-भरकम बैलगाड़ी हवा में कई फीट ऊपर उछल गई और उसके परखच्चे उड़ गए।
इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित गति और ड्राइवरों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निजी बस की रफ्तार इतनी अधिक थी कि ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और सीधे स्थिर बैलगाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह टक्कर हुई, उस समय बैलगाड़ी के पास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना यह हादसा एक बड़ी जनहानि में बदल सकता था।
जामनेर तालुका के वाकोद गांव के पास घटित हादसे का जो वीडियो सामने आया है, वह किसी फिल्म के स्टंट जैसा प्रतीत होता है लेकिन इसकी वास्तविकता डराने वाली है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बैलगाड़ी सड़क के किनारे बिल्कुल शांत खड़ी थी, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उसे पीछे से उड़ा दिया। टक्कर लगते ही बैलगाड़ी का लकड़ी का ढांचा हवा में खिलौने की तरह उछल गया और सड़क पर बिखर गया। इस दौरान वहां मौजूद स्थानीय लोग और राहगीर इस मंजर को देखकर सन्न रह गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस बैलगाड़ी दुर्घटना में बैलों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात निकलकर सामने आ रही है कि बस चालक ने मोड़ पर ओवरटेक करने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह वाहन पर संतुलन नहीं रख पाया। स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है क्योंकि इस राजमार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण छोटे वाहनों और मूक पशुओं को निशाना बनना पड़ता है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बस को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी बस ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वाकोद गांव के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस व्यस्त राजमार्ग पर गति सीमा निर्धारित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और भारी वाहनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप्स का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।