जलगांव में संवेदनाओं की मिसाल बनी ‘स्नेह की शिदोरी’ सेवा से समाज तक, जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की थाली
Jalgaon Social Service: जलगांव में ‘स्नेह की शिदोरी’ पहल के तहत जरूरतमंदों को अब तक 31 लाख से अधिक भोजन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। भवरलाल जैन की पुण्यतिथि पर सेवा अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
Jalgaon Food Distribution Program ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalgaon Food Distribution Program: जलगांव एक संकल्प कि शहर में कोई भूखा न सोए। स्वर्गीय भवरलाल जैन ने इसे जीवन का ध्येय बनाया था। उसी विचार को परिवार ने सेवा में बदला और आज ‘स्नेह की शिदोरी’ जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की थाली बन गई है। 25 फरवरी 2026 को उनकी 10वीं पुण्यतिथि है, और इसी अवसर पर यह सेवा यात्रा नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
आंकड़ों में संवेदनाओं का विस्तार
जैन इरिगेशन की ओर से शुरू हुआ यह उपक्रम पिछले छह वर्षों से निरंतर चल रहा है। कोरोना काल में जब हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ, तब इस पहल ने व्यापक रूप लिया। 20 फरवरी 2026 तक 31,38,779 भोजन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि संवेदनाओं का विस्तार है।
अनवरत सेवा का सफर
12 दिसंबर 2020 को भवरलाल जैन की जयंती पर अध्यक्ष अशोक जैन ने ‘स्नेह की शिदोरी’ को स्थायी रूप से जारी रखने की घोषणा की थी, जैन हिल्स स्थित ‘राजाभोज’ भोजनालय से रोज तड़के चार बजे भोजन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होती है।
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वर्तमान में प्रतिदिन 700 लोगों को सुबह-शाम भोजन पहुँचाया जा रहा है। इसमें सुबह रोटियां, सब्जी-चटनी और शाम को पौष्टिक खिचड़ी शामिल रहती है।
हर वर्ग को मिल रहा लाभ
इस पहल का लाभ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र, अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीज और उनके परिजन, पुलिस जवान तथा एसटी चालक-परिचालक जैसे कई वर्ग उठा रहे है। अशोक जैन का कहना है, “समाज ने हमें जी दिया है, उसे समाज को लौटाना हमारा दायित्व है। स्नेह की शिदोरी’ अब केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि शहर की सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुकी है।
सेवा यात्रा का लेखा-जोखा
प्रमुख लाभार्थीः छात्र, मरीज, पुलिस कर्मी और एसटी कर्मचारी।
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भोजन का मेनूः सुबह रोटी-सब्जी-चटनी, शाम को खिचडी।
तैयारी का स्थानः ‘राजाभोज’ भोजनालय, जैन हिल्स।
