Smart Anganwadi Scheme Maharashtra ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Smart Anganwadi Scheme Maharashtra: जलगांव ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है।
ये ही असल मायनों में फ्रंटलाइन वॉरियर्स’ हैं। यह बात राज्य के पालक मंत्री गुलाबराव पाटील ने कही, वे शहर के छत्रपति संभाजी राजे नाट्यगृह में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
कोविड में निभाई भूमिका: मंत्री पाटील ने कहा कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और जनजागरूकता की जिम्मेदारी इन महिला कर्मियों ने पूरी निष्ठा से निभाई है।
कोविड जैसे वैश्विक संकट के दौरान भी इन्होंने बिना किसी डर के काम किया, जिससे समाज में इनका सम्मान और विश्वास बढ़ा है। पालक मंत्री ने जिले में हो रहे बुनियादी सुधारों का ब्यौरा देते हुए बताया।
जिला योजना समिति के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 231 भवनों के लिए निधि दी गई है। शेष 150 भवनों का निर्माण पूरा होते ही जलगांव राज्य का ऐसा पहला जिला बनेगा, जहां 100% आंगनवाड़ी केंद्र अपने स्वयं के भवनों में संचालित होंगे।
जिले में 550 ‘स्मार्ट आंगनवाड़ियों को मंजूरी दी गई है। साथ ही 200 केंद्रों को रसोई के बर्तन और 2179 केंद्रों को बच्चों के लिए विशेष बेंच उपलब्ध कराई गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मीनल करणवाल को उनके एक वर्ष के सफल कार्यकाल के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट कार्य करने वाली 3 पर्यवेक्षिकाओं, 19 आंगनवाड़ी सेविकाओं, 19 सहायिकाओं और 19 आशा कार्यकर्ताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
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वावडदे के किसान सुरेश पाटील की आदर्श किसान’ पुरस्कार से नवाजा गया। सांसद स्मिता वाघ ने भी अपने संबोधन में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित थे।