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धूलिया महानगरपालिका भ्रष्टाचार से भरा पड़ा!, नागरिकों को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधाएं

  • Written By: अमन दुबे
Updated On: Jan 10, 2023 | 04:03 PM

File- Photo

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धूलिया : पिछले चार वर्षों से धूलिया महानगरपालिका (Dhulia Municipal Corporation) में बीजेपी (BJP) की सत्ता है, लेकिन इन बीते सालों में बीजेपी ने ऐसा कोई विकास काम शहर के लिए नहीं किया है कि जिसे नागरिक बीजेपी सत्ता में किया गया काम कह सकें। विकास के नाम पर प्राप्त हुए सैकड़ों करोड़ रुपयों मिट्टी मोल हो गए हैं। केवल बोगस काम करना और करोडों रुपयों के बिल निकालना इतना ही काम अब सत्ताधारी भाजपाइयों के पास रह गया है। पहले ढाई सालों में उसके बाद अगले देढ सालों में दोनों मेयर के कामों, लापरवाही और भ्रष्टाचार (Corruption) पर महानगरपालिका प्रशासन के सत्ताधारी स्थायी समिति के सदस्यों ने ही सवाल उठा कर महानगरपालिका नेतृत्व को घर का रास्ता दिखाया है। 

शहर की विभिन्न समस्याओं पर महानगरपालिका प्रशासन ओर सत्ताधारियों को आड़े हाथों लेने वाले मौजूदा उपमहापौर केवल पद के लिए आवाज उठा रहे थे।  यह भी सामने आया कि पिछले चार वर्षों में धूलिया वासियों को केवल तारीख देने का काम किया गया। जिला वकील संघ को भी मेयर ने उल्लू बनाया। धूलिया महानगरपालिका के मेयर और प्रशासन के विरुद्ध शिवसेना की ओर से व्यंगचित्र के माध्यम से मनपा के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए महानगरपालिका के भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन किया गया और महानगरपालिका कमिश्नर देवीदास टेकाडे का घेराव किया गया। 

धूलियावासियों को हर दो से तीन दिन में पानी मिल रहा है

धूलिया शहर के लिए विभिन्न योजनाओं के करोड़ों रुपये मंजूर हुए। शहर के लिए अक्कलपाड़ा जलापूर्ति योजना के माध्यम से पिछले चार वर्षों से सिर्फ दशहरा, दिवाली और अखाजी को रोजाना पानी देने का वादा किया गया। यहां तक कि इस योजना का 50 फीसदी काम भी पूरा नहीं हुआ है और धूलिया वासियों को हर दो से तीन दिन में पानी मिल रहा है। लेकिन टूटी हुई व्यवस्था और ध्वस्त योजनाओं के कारण पानी की टंकियों को पर्याप्त रूप से नहीं भरा जा रहा है। 

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शहर की मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब

उस स्थान पर पानी प्रचुर मात्रा में होने पर भी सत्ता पक्ष योजना बनाने में चूक गया है। पानी के नाम पर बीजेपी के मंत्री से सांसद से लेकर नगरसेवक तक सभी ने वादे किए लेकिन नियमित और पर्याप्त दबाव से पानी देने में विफल रहे। शहर की मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है और मुख्य बस्तियों में बारापत्थर से फांसीपुल, चित्तौड़ रोड, पत्रकार भवन से दत्त मंदिर, देवपुर, साक्री रोड, आजाद नगर, नाकाने रोड, वलवाडी आदि सड़कों की हालत खराब हो गई है। नई सड़कें अक्सर पुरानी सड़कों के ऊपर बनाई जाती थीं। उनके लाखों रुपए के बिल निकल गए लेकिन फिर भी कॉलोनी क्षेत्र सहित मुख्य सड़कों की स्थिति जैसी की तैसी बनी हुई है और दीपावली के बाद भी गड्ढे नहीं भरे गए हैं। यही स्थिति स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जुड़ी है और समय पर डस्टिंग और फॉगिंग नहीं होने से मच्छरों की समस्या से नागरिक परेशान हैं और मलेरिया और डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। 

कई इलाकों में शाम के समय लाइट नहीं जलती है 

धूलिया महानगरपालिका के अस्पतालों की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर नियंत्रण न होने के कारण लगातार महामारी फैल रही है और खसरे का प्रकोप इसका एक बड़ा उदाहरण है। फिर भी शहर में 40 फीसदी कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठाया जाता और शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। कॉलोनी क्षेत्र में नियमित रूप से कूड़ा उठाने के लिए कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां नहीं आती हैं, मुख्य सड़कों पर पड़े निर्माण मलबे के कारण कई जगह सड़कें जाम हो जाती हैं। व्यावसायिक क्षेत्रों में कूड़ेदान प्रतिदिन नहीं उठाया जाता है। यही हाल स्ट्रीट लाइटों का है और अभी भी शहर के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट नहीं बदली गई हैं। महानगरपालिका ने जहां भी नई स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं, वहां लाइट नहीं जलती हैं, लेकिन एक महीने के भीतर ही ये स्ट्रीट लाइटें खराब हो जाती हैं और ठेकेदार द्वारा फर्जी कंपनी की लाइट लगाने के कारण आधे शहर में अंधेरा छा जाता है। महानगरपालिका के बिजली विभाग की अक्षमता के कारण कई इलाकों में शाम के समय लाइट नहीं जलती हैं। शहरवासियों द्वारा कई बार शिकायत करने के बाद भी स्ट्रीट लाइटें नहीं बदली जाने से नागरिकों में रोष है। 

शिवसेना आने वाले समय में आंदोलन करेगी

कुल मिलाकर महानगरपालिका प्रशासन के साथ-साथ सत्तारूढ़ बीजेपी और मेयर सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में विफल रहे हैं। इसलिए नया मेयर बदल भी जाए तो समस्या वैसी ही बनी रहेगी और सत्ता पक्ष विकास के नाम पर कमीशन लेने, बिल बनाने और पर्चे बनाने जैसे काम ही करता रहेगा। वकील संघ को दिए गए 45 दिन के अल्टीमेटम के 60 दिन बीत जाने के बाद भी धीमा प्रशासन की नींद नहीं खुली है। अब प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि शिवसेना धूलियावासियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को आंदोलन से जगाएगी और आने वाले समय में आंदोलन करेगी। ऐसी चेतावनी शिवसेना के संयुक्त संचार प्रमुख महेश मिस्त्री, हिलाल माली, अतुल सोनवणे, किरण जोंधले, जिला संगठक भगवान करंकाल, शरद पाटिल, धीरज पाटिल, डॉ. सुशील महाजन, ने दी है।

Dhulia municipal corporation is full of corruption citizens are not getting basic facilities

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Published On: Jan 10, 2023 | 04:03 PM

Topics:  

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