RSS And BJP Meeting: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार के कामकाज की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मैदान में उतर गया है। इस कड़ी में RSS के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने मुख्यमंत्री आवास पर हाई-प्रोफाइल बैठक की। भाजपा और संघ के बीच समन्वय की सबसे अहम कड़ी माने जाने वाले अरुण कुमार ने इस बैठक में सरकार के मंत्रियों और दिग्गज नेताओं से सीधे संवाद किया। माना जा रहा है कि इस गुप्त बैठक में न केवल सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया गया, बल्कि आने वाली चुनौतियों के लिए संघ की ओर से 'नया रोडमैप' भी बताया गया ।
सीएम हाउस में हुई इस समन्वय बैठक में यूसीसी को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने सरकार को उत्तराखंड और गुजरात में UCC अधिनियम बनाने के लिए जो कदम उठाए गए थे, उन्हें देखने के निर्देश दिए । चूंकि, दोनों राज्यों में आदिवासियों को कानून के दायरे से बाहर रखा गया है इसलिए मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही किए जाने की पूरी संभावना है।
बैठक में हिंदू एकता को बढ़ावा देने वाली सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई है। शताब्दी वर्ष के बाद संघ के पंच परिवर्तन को सरकार के स्तर पर अमल में लाने पर भी विचार विमर्श किया गया।
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संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार के साथ संघ के पदाधिकारियों ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अब तक सरकार और बीजेपी संगठन के द्वार उठाए कए कदमों की समीक्षा की। अरुण कुमार ने इस मामले में व्यापक जन अभियान चलाकर इस बिल को लेकर विपक्ष के द्वारा फैलाए जा रहे आरोपों का जबाब देने को कहा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मंत्रियों के समन्वय को लेकर चर्चा भी की गई।