‘दुश्मन देश से हमले की पूरी संभावना’; भेंडवाल की सनसनीखेज भविष्यवाणी, जानें और क्या-क्या बताया

Buldhana news: बुलढाणा के भेंडवल में 350 साल पुरानी परंपरा के अनुसार घट रचना की भविष्यवाणी घोषित की गई। इसके अनुसार देश का राजा स्थिर रहेगा, लेकिन घुसपैठ, बीमारी और आर्थिक किल्लत बढ़ेगी।
The 350-year-old Bhendwal prediction warns of border tensions and economic crisis। While the ruler remains stable, erratic rains and pests may impact crops this year
भेंडवल भविष्यवाणी (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Bhendwal Bhavishyavani 2026: जलगांव जामोद किसानों के नजरे लगे महाराष्ट्र राज्य की प्रसिध्द भेंडवल की भविष्यवाणी पर लगी रहती हैं। 350 साल की परंपरा आज भी कायम रखते हुए भेंडवल की घट रचना की भविष्यवाणी शारंगधर महाराज ने 20 अप्रैल को सुबह घोषित की। जिसके अनुसार देश का राजा कायम रहेगा, देश की सुरक्षा व्यवस्था पर तनाव निर्माण होगा, आर्थिक किल्लत, घुसपैठ, बीमारी बढ़ेगी।

अक्षय तृतीय के दिन शाम के समय गांव के बाहर खेत में घट रचना की गई, जिसमें गेहू, जवार, तूअर, उड़द, मूंग, चना, जवस, तिल, बाजरी, चावल, अंबाडी, सरकी, बटाना, मसूर तथा करडी ऐसे 18 प्रकार के अनाज रखे गए। बीच में चार मिट्टी के ढेकले रखकर उसपर पानी से भरी घागर रखी गई।

घागर पर पानसुपारी, पूरी, पापड़, सांडोली, कुरडई, भजिये, बड़ा आदि खाद्यपदार्थ रखे गए। पूरी रात इस जगह कोई भी नागरिक जाता नहीं, सोमवार को सुबह इस अनाज के बदलाव तथा घट के भीतर के अनाज का सूक्ष्म निरीक्षण कर सारंगधर महाराज ने फसल का एवं बारिश का अनुमान व्यक्त किया।

देश की राजनीतिक आर्थिक स्थिति

देश में राजा कायम रहेगा। देश पर प्रकोप हैं। जिस कारण रोगराई का संकट आएगा, मसूर फसल भीतर एवं बाहर होने से देश में घुसपैठ होगी। पूरी गायब होने से देश समेत दूनिया पर संकट रहेगा। करडी बिखरी होने से देश का रक्षा विभाग तनाव में रहेगा। विभाग को घुसपैठ का सामना करना पड़ेगा, जिस कारण देश की परिस्थिति एवं राजा भी तनाव में रहगा। इस साल आर्थिक किल्लत निर्माण होगी।

फसल की स्थिति

कपास- अच्छी, जवार - सर्वसाधारण दाम अच्छे, तूअर अनिश्चित, मूंग सर्वसाधारण, उड़द पर बीमारी, तिल : अच्छी, भादली पर बीमारी रहेगी, बाजरा - अच्छा, चावल- अच्छा, मोठ - सर्व साधारण, जवस - बरबाद, गेहूं साधारण, चने की फसल साधारण रहेगी।

इस साल जुलाई में होगी अधिक बारिश!

  • इस साल बारिश कम तथा अधिक प्रमाण में होगी, जून माह में कम बारिश रहेगी,
  • किसी जगह कम तो किसी जगह अधिक वर्षा होगी। जिस कारण सभी ओर बुआई होगी नहीं।
  • जुलाई माह में जून माह से अधिक बारिश होगी,
  • अगस्त माह में अतिवृष्टि एवं अंतिम सितबंर माह में बेमौसम बारिश होगी। जिस कारण अकाल की स्थिति का खतरा निर्माण हो सकता है।

इस वर्ष फसलों को भारी नुकसान हुआ है और फसलों में बीमारियों का प्रकोप भी अधिक देखा गया है। इसके साथ ही मानसून के पहले महीने में सामान्य वर्षा होगी। जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों में व्यापक रूप से भारी वर्षा होगी। हालांकि, सारंगधर और पुंजाजी महाराज ने कहा कि अगस्त और सितंबर महीनों में भारी वर्षा और बाढ़ का खतरा है।

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कैसे होती है ‘घटमंडानी भविष्यवाणी’?

बता दें कि यह भविष्यवाणी 18 प्रकार के अनाजों को विशेष विधि से सजाकर उनके बदलावों के आधार पर की जाती है। इस अनुष्ठान को सारंगधर महाराज और पुंजाजी महाराज द्वारा संपन्न किया गया। हर साल की तरह इस बार भी महाराष्ट्र, खानदेश, मराठवाड़ा और मध्य प्रदेश से हजारों किसान इस भविष्यवाणी को सुनने के लिए यहां पहुंचे।

भेंडवाल की यह पारंपरिक भविष्यवाणी वैज्ञानिक आधार पर नहीं, बल्कि लोक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित होती है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व काफी बड़ा है।

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