

Wardha Farming Kharif Season 2026 News: वर्धा जिले के किसानों ने खरीफ मौसम के लिए तैयारी शुरु कर दी है। खेतों को तैयार करने का काम चल रहा है। ऐसे में कृषि विभाग ने भी खरीफ की बुआई, खाद व बीज की आपूर्ति का नियोजन शुरू कर दिया है। इस बार 4 लाख 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की बुआई होनी है। इसके लिए जिले में विविध फसलों के 87 हजार 184 क्विंटल बीज की मांग है। मई माह से किसानों के लिए बीज की आपूर्ति शुरु की जाएगी, ऐसी जानकारी कृषि विभाग ने दी है।
गत वर्ष खरीफ मौसम की फसल उम्मीद के अनुसार नहीं हुई। प्राकृतिक आपदा, बारिश की अनियमितता, विविध बीमारी व इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन, कपास व तुअर की फसल खराब हुई। अतिवृष्टि से भी सैकड़ों हेक्टेयर में फसल का नुकसान हुआ। परिणामवश उपज में भारी कमी देखने मिली।
बचीखुची फसल लेकर किसानों ने मार्केट में बेचने के लिए लायी, किन्तु गारंटी मूल्य से भी कम दाम में उपज की खरीदारी हो रही है। परिणामवश लागत खर्च भी न निकल पाने से जिले का किसान आर्थिक तंगहाली में है। जैसे तैसे रबी मौसम से किसानों को थोडी उम्मीद थी। किन्तु इस बार रबी मौसम की उपज में भी कमी आयी। फसल को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
इससे किसानों में भारी असंतोष पनप रहा है। इन सभी संकटों पर मात करते हुए वर्धा जिले का किसान फिर एकबार खरीफ की तैयारी में जुट गया है। 79, 369 क्विं। सोयाबीन बीज की आवश्यकता खरीफ के लिए इस बार सर्वाधिक 79 हजार 369 क्विंटल सोयाबीन बीज की मांग बताई गई है।
इसके अलावा कपास बीज की 4500 क्विंटल (9 लाख 47 हजार 351 पाकेट), जवार बीज 24 क्विंटल, तुअर बीज 2755.60 क्विंटल, जबकि अन्य फसलों के 535 क्विंटल बीज की मांग है। इसमें मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफल्ली व तिल फसल का समावेश है।
खरीफ के लिए इस वर्ष वर्धा जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एसएसपी, संयुक्त खाद की कुल 1 लाख 17 हजार 220 मीट्रिक टन मांग है। इसमें कृषि विभाग के पास लगभग 52 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध बताया गया है। खरीफ में पर्याप्त मात्रा में खादी उपलब्ध रखने का नियोजन है। फिलहाल खाद की आपूर्ति शुरू होने की जानकारी कृषि विभाग ने दी।