नवनीत राणा और हुमायूं कबीर।
Navneet Rana And Humayun Kabeer : बीजेपी की फायरब्रांड नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने फिर अपने तीखे तेवरों से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस बार उनके निशाने पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद का निर्माण करा रहे नेता हुमायूं कबीर हैं। राणा ने हुमायूं कबीर को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदुस्तान में बाबरी बनवाने का ख्वाब देखने वालों को यहां कब्र के लिए भी जगह नहीं मिलेगी।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवनीत राणा ने हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने खुद को महाराष्ट्र की बेटी बताते हुए कहा कि हम माला जपना जानते हैं तो हाथ में भाला और तलवार उठाना भी जानते हैं। जो लोग बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की जुर्रत कर रहे हैं, वे याद रखें कि उन्हें इस देश की मिट्टी में दफन होने की जगह भी मयस्सर नहीं होगी। राणा ने इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया है। उन्होंने ललकारते हुए कहा कि वे बंगाल आकर दिखा देंगी कि हिंदुओं की ताकत क्या होती है।
विवाद का केंद्र पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद है, जहां टीएमसी से निष्कासित और अब अपनी जनता उन्नयन पार्टी चलाने वाले विधायक हुमायूं कबीर एक विशाल मस्जिद का निर्माण करवा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस मस्जिद का ढांचा अयोध्या की विवादित बाबरी मस्जिद जैसा होगा। इस मस्जिद की नींव पिछले साल 6 दिसंबर को रखी गई थी और इसी महीने 11 फरवरी से इसका निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू हो गया है। हुमायूं कबीर के अनुसार यह मस्जिद 10 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है, जिसकी लागत 50 से 55 करोड़ रुपये है। इसमें एक साथ 12,000 लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था होगी।
बाबरी मस्जिद बनाने वाले हुमायूँ कबीर तेरे को हिंदुस्तान में खुदकी कबर के लिए भी जगह नहीं मिलेगी नवनीत राणा🔥🔥 pic.twitter.com/18uZNe3phd — 🚩आयुष कुमार मिश्रा🇮🇳 जय महाकल 🙏🌸💪 (@AyushKu83719740) February 16, 2026
यह भी पढ़ें : बड़ी खब़र: भाजपा नेता नवनीत राणा को दोबारा मिली जान से मारने की धमकी, अमरावती पुलिस अलर्ट
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले इस मस्जिद का निर्माण एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। बीजेपी इसे हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने की साजिश बता रही है। वहीं, नवनीत राणा के इस ताजा बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। राणा ने स्पष्ट कहा कि वे बंगाल की धरती पर आकर इस मानसिकता को जवाब देंगी। अब देखना यह है कि राणा की इस खुली चेतावनी पर हुमायूं कबीर और बंगाल की अन्य राजनीतिक पार्टियों की क्या प्रतिक्रिया आती है।