एसटी बस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Arjuni Tirora Bus Accident: सुरक्षित यात्रा का दावा करने वाली महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल की बस में एक छात्रा के असुरक्षित होने की चौंकाने वाली घटना अर्जुनी तिरोड़ा मार्ग पर सामने आई। आरोप है कि एसटी बस के कंडक्टर ने 16 साल की छात्रा के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती बस से धक्का दे दिया। इस घटना से लोगों में रोष का माहौल है।
तिरोड़ा तहसील के चांदोरी खुर्द निवासी सिद्धि उमराव शेंडे अर्जुनी के मानवता हाईस्कूल में कक्षा 10 में अध्ययनरत है। शनिवार को वह प्रतिदिन सुबह स्कूल से छुट्टी होने के बाद एसटी बस क्र. एमएच 40- एक्यू 6246 से अर्जुनी से तिरोड़ा घर लौट रही थी। आरोप है कि यात्रियों से खचाखच भरी बस में वाहक ने छात्रा से अभद्र भाषा में बात करना शुरू कर दिया। टिकट और सीट को लेकर विवाद हो गया।
देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। रोष में आए वाहक ने छात्रा से मारपीट की और बाघोली बस स्टैंड क्षेत्र में उसे जबरदस्ती बस के दरवाजे से नीचे धकेल दिया। बस के दरवाजे से धक्का लगने से छात्रा सीधे सड़क पर गिरी। इस घटना में उसके सिर, पैर और घुटने में चोटें आईं। घायल अवस्था में उसे उसके परिजन उपचार के लिए लेकर गए।
घटना के बाद परिजनों ने बताया कि वह बेहद डरी हुई है और मानसिक सदमे में है। सार्वजनिक परिवहन कर्मचारी द्वारा नाबालिग छात्रा के साथ किए गए इस व्यवहार की क्षेत्र में अमानवीय, गैरजिम्मेदाराना और आपराधिक कृत्य बताकर कड़ी आलोचना की जा रही है। अगर एसटी बस में छात्रा सुरक्षित नहीं हैं, जहां ‘यात्री हमारी जिम्मेदारी’ लिखा है, तो फिर आम यात्रि किस पर भरोसा करें?
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इस मामले में, छात्रा के पिता उमराव शेंडे ने तिरोड़ा डिपो व्यवस्थापक के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित कंडक्टर के खिलाफ तुरंत निलंबित की कार्रवाई की जाए। इस बीच, एसटी महामंडल ने जांच के आदेश देने की बात कही है, लेकिन असल में अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए नागरिकों में रोष का माहौल है।
इस मामले में तिरोड़ा के डिपो व्यवस्थापक संजय पटले ने कहा, “संबंधित कंडक्टर छुट्टी पर है। जब वह ड्यूटी पर आएगा, तो इस मामले में उसका बयान लिया जाएगा और वरिष्ठों को भेजा जाएगा।”