Gondia News: राज्य के जिप स्कूलों की तस्वीर बदलने और उन्हें निजी स्कूलों के समकक्ष प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक व्यापक मास्टरप्लान तैयार किया है.इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और घटती छात्र संख्या को रोकना है. प्रशासन ने इसके लिए मार्च से जून 2026 तक की समय सीमा तय की है, जिसके दौरान विभिन्न शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियों को गति दी जाएगी.
इस नई योजना के तहत हर स्कूल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए स्मार्ट टीवी के माध्यम से डिजिटल शिक्षा प्रदान की जाएगी. अंग्रेजी माध्यम के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए जिप स्कूलों में भी अब सेमीइंग्लिश कक्षाएं शुरू करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
छात्रों को मिलने वाले मुफ्त यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई का माहौल बना रहे. इसके अलावा, छात्रों के शारीरिक विकास के लिए पोषण आहार योजना को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा.
सोशल मीडिया पर साझा किया अनुभवजनसंपर्क और विश्वास बहाली के लिए विभाग स्कूल आपके द्वार अभियान चलाने जा रहा है. इसके अंतर्गत शिक्षक स्वयं अभिभावकों के घर जाकर उनसे सीधा संवाद करेंगे और उन्हें सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देंगे.
स्कूलों की सकारात्मक छवि बनाने के लिए सफल पूर्व छात्रों के अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा, जिससे अभिभावकों का भरोसा जीता जा सके. अभिभावकशिक्षक बैठकों पर जोरअभियान के दौरान अभिभावकशिक्षक बैठकों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जहां बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और उनकी शैक्षणिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा होगी.
राज्य स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया गया. यह ठोस कदम न केवल सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक नया अध्याय भी शुरू करेगा.इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले सत्र में जिप स्कूलों में छात्रों के नामांकन में बड़ी वृद्धि देखने को मिलेगी.