Gondia News: ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के काम को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब मनरेगा ऐप के जरिए सेल्फी हाजिरी जरूरी कर दी गई है. फर्जी हाजिरी देने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार, यह नया सिस्टम 2 मार्च 2026 से लागू किया गया था. 30 मार्च 2026 से सभी कामों में 100 प्रश. लागू करना जरूरी कर दिया गया है. इसलिए, अब हर मजदूर की मौजूदगी मोबाइल पर फोटो लेकर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से दर्ज की जाएगी. अभी तक कई जगहों पर प्रॉक्सी अटेंडेंस की शिकायतें सामने आ रही थीं. लेकिन, नए सिस्टम से धोखाधड़ी के रास्ते बंद हो जाएंगे और असली मजदूरों को काम का फायदा मिलेगा.
सभी गांव के रोजगार सेवकों और उनसे जुड़े कर्मचारियों को तुरंत प्रशिक्षण दिया जाए. हर मजदूर का ईकेवाईसी पूरा करना जरूरी है. कोई भी योग्य मजदूर काम से वंचित न रहे, इस सिस्टम को सख्ती और पारदर्शीता तरीके से लागू करना होगा. इस नए सिस्टम पर राज्य और जिला स्तर से ध्यान रखा जाएगा. काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और संबंधित अधिकारियों को इसे लागू करने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने के आदेश दिए गए हैं.
मनरेगा निधि के वितरण में देरीहालांकि जिले में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत काम चल रहा है, लेकिन उम्मीद के अनुसार तेजी नहीं दिख रही है. कई गांवों में रोजगार की मांग बढ़ी है, लेकिन कामों की मंजूरी और पैसे बांटने में देरी की शिकायतें आ रही हैं. कुछ जगहों पर पानी बचाने, सड़क की मरम्मत और पेड़ लगाने का काम चल रहा है. फिर भी, मजदूरों को समय पर मजदूरी न मिलना एक बड़ी समस्या है. प्रशासन को पारदर्शीता और तेजी बढ़ाकर ज्यादा रोजगार देने की जरूरत है.