गोंदिया में सरकारी खरीदी केंद्रों पर धान बिक्री बढ़ी, करोड़ों का भुगतान; हजारों किसानों को राहत
Gondia Paddy Procurement: गोंदिया में रबी सीजन के दौरान अब तक 3.85 लाख क्विंटल धान खरीदा गया है। 7,916 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा, जिससे किसानों को राहत मिली है।
- Written By: अंकिता पटेल
गोंदिया धान खरीदी, रबी सीजन,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Gondia Paddy Procurement Farmer Registration: गोंदिया रबी सीजन में अब तक जिला मार्केटिंग फेडरेशन ने 3 लाख 85 हजार क्विंटल धान खरीदा है। सरकार ने धान खरीदी के लिए 16,54,457 क्विंटल और मक्का खरीद के लिए 1.60 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा है, जिससे जिले के किसानों को राहत मिली है। रबी सीजन में 76 हजार हेक्टेयर में धान और 7 हजार हेक्टेयर में मक्का लगाया गया था।
धान और मक्का उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य से कम दाम न मिले, इसके लिए सरकार जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के माध्यम से धान खरीदती है। रबी में 112 केंद्रों से धान और 17 केंद्र से समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदा जा रहा है।
सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन जरूरी है। पंजीकरण की आखिरी तारीख 15 मई थी। इस दौरान 64,500 धान उत्पादक और 3,472 मक्का उत्पादक किसानों ने पंजीयन कराया।
सम्बंधित ख़बरें
महंगाई की नई मार! पेट्रोल-डीजल महंगे, गोंदिया में सब्जियों के दाम ने भी बिगाड़ा बजट
धुले में डबल मर्डर से सनसनी! ढोंगी तांत्रिक ने आश्रम में कर दी युवक-युवती की हत्या, अघोरी वारदात से मचा हड़कंप
विश्व संग्रहालय दिवस: भंडारा की ऐतिहासिक धरोहर क्यों हो रही उपेक्षित? 100 कमरों वाला पांडे महल बदहाल
गर्मी का असर: भंडारा में गहराया जल संकट! जलाशयों में बचा सिर्फ 28% पानी, प्रशासन की अपील; संभलकर करें जल उपयोग
यह भी पढ़ें:-महंगाई की नई मार! पेट्रोल-डीजल महंगे, गोंदिया में सब्जियों के दाम ने भी बिगाड़ा बजट
अब तक 112 धान खरीदी केंद्रों पर 7,916 किसानों ने 3,85,848 क्विंटल धान बेचा है। खरीदे गए धान की कुल कीमत 91,40,74,000 रु. है। मक्का बेचने के लिए पंजीकृत 3,472 किसानों में से 232 किसानों ने 2,447 क्विंटल मक्का बेचा है।
8 हजार किसानों का 92 करोड़ रु. बकाया
- जिले में 1 मई से समर्थन मूल्य पर मक्का और धान की खरीदी शुरू हो गई है।
- इस दौरान करीब 8 हजार किसानों ने धान बेचा है और उनका 92 करोड़ रु. का बकाया है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ा दिया है, जिससे जिले के हजारों धान उत्पादक किसानों को राहत मिली है।
