प्रतीकात्मक तस्वीर
Maharashtra Government Employees Strike News: महाराष्ट्र में एक बार फिर सरकारी कामकाज की रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने, सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने और रिक्त पदों को भरने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर सरकारी, गैर-सरकारी और शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी समन्वय समिति ने सख्त रुख अपना लिया है। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 21 अप्रैल से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
समिति की सबसे प्रमुख मांग 1 नवंबर 2005 से पहले बिना अनुदान या आंशिक अनुदान पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना है। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने PFRDA एक्ट को रद्द करने की मांग की है, ताकि फंड मैनेजर के पास जमा पैसा राज्य सरकार को वापस मिल सके।
कर्मचारियों ने मांग की है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और ड्राइवरों की भर्ती पर लगी रोक तुरंत हटाई जाए। इसके अलावा, 10, 20 और 30 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए ‘सुनिश्चित प्रगति योजना’ का लाभ देने की बात भी कही गई है।
कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी समिति गंभीर है। ड्यूटी के दौरान होने वाले हमलों को रोकने के लिए IPC सेक्शन 353 में संशोधन कर इसे गैर-जमानती बनाने और सख्त कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग की गई है।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर देते हुए मांग की गई है कि सभी सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और ठेका कर्मचारियों को कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिले। वहीं, 10 वर्षों से काम कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने और अनुकंपा के आधार पर वेटिंग लिस्ट वाले सभी पात्र उम्मीदवारों को तुरंत नियुक्ति देने की भी मांग उठाई गई है।
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