महाराष्ट्र में OPS की मांग तेज, 80 की उम्र में भी पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे रिटायर्ड टीचर, सरकार से की मांग

Retired Teachers Pension Issue: महाराष्ट्र में सेवानिवृत्त शिक्षकों का पेंशन के लिए संघर्ष। 80 की उम्र में हक के लिए आंदोलन, पुरानी पेंशन योजना और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग।
Retired teachers in Maharashtra struggle for pensions and health benefits. Protests erupt as 80-year-old educators demand justice.
पेंशन के लिए भटक रहे शिक्षक (AI generated image)
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Old Pension Scheme Maharashtra: जीवनभर विद्यार्थियों को संवारने का महान कार्य करने वाले शिक्षक आज अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी कई शिक्षकों को पेंशन, वेतन श्रेणी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शासकीय तंत्र के पास बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे सेवानिवृत्त शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

आज कई सेवानिवृत्त शिक्षकों की उम्र 70 से 80 वर्ष से अधिक होने के बावजूद उन्हें अपने अधिकारों के लिए मोर्चे निकालने पड़ रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। डिजिटल युग में सरकार जहां विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रही है, वहीं जिन बुजुर्ग शिक्षकों को घर बैठे सुविधाएं मिलनी चाहिए, उन्हें ही संगठन बनाकर भागदौड़ करनी पड़ रही है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों की प्रमुख मांग

सेवानिवृत्त शिक्षकों की प्रमुख मांगों में लंबित पेंशन प्रकरणों का त्वरित निपटारा, पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना, उच्च श्रेणी के मुख्याध्यापकों को उचित वेतन श्रेणी देना तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ठोस नीति लागू करना शामिल है। इसके अलावा बदलती शैक्षणिक नीतियों के संदर्भ में शिक्षकों की भूमिका क्या होनी चाहिए, इस पर भी सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक परिसंवाद आयोजित कर चर्चा की जा रही है।

पहले पेंशन अदालतों के माध्यम से कई समस्याओं का समाधान होता था, लेकिन वर्तमान में इस प्रक्रिया का उपयोग समय बिताने के लिए किया जा रहा है, ऐसी आलोचना सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा की जा रही है। इसलिए अब अपने न्यायसंगत अधिकारों के लिए कहां गुहार लगाई जाए, यह सवाल इन बुजुर्ग शिक्षकों के सामने खड़ा हो गया है।

इस पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र राज्य उच्च श्रेणी मुख्याध्यापक और प्राथमिक शिक्षक संगठनों द्वारा सरकार से मांग की जा रही है कि वह सेवानिवृत्त शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस निर्णय ले। आने वाले समय में इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन खड़ा करने का प्रयास संगठन द्वारा शुरू किया गया है।

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