25 लाख के इनामी विनोद सैयाना ने गोंदिया में 11 नक्सलियों के साथ किया सरेंडर, गोला बारूद भी सौंपे
Gondia News: पूर्वी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में नक्सली अनंत उर्फ विनोद सय्यना सहित 11 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 89 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस उप महानिरीक्षक अंकित गोयल (गढ़चिरौली रेंज) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले ये कार्यकर्ता प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के दरेकसा दलम से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि दरेकसा दलम MMC (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) क्षेत्र का सबसे सक्रिय दलम है।
महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ विशेष संभागीय समिति (MMC) द्वारा 1 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण करने की दूसरी शांति अपील के अगले ही दिन यह घटनाक्रम हुआ। पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के पूरे दरेकसा दलम ने शुक्रवार रात गोंदिया में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। इस दलम का नेतृत्व विकास नागपुरे उर्फ अनंत कर रहे थे, जो दरेकसा स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और राजनांदगांव-गोंदिया-बालाघाट डिविजन के प्रमुख थे।
हाल ही में अनंत ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों को पत्र लिखकर सुरक्षा अभियान को 34 दिनों के लिए रोकने की अपील की थी, ताकि बिखरे हुए गुरिल्ला एकत्र होकर आत्मसमर्पण कर सकें। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने इसे ठुकरा दिया और संयुक्त ऑपरेशन जारी रखा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के संयुक्त दबाव, विकास कार्य और हालिया शांति अपील ने इस यूनिट को हथियार डालने पर मजबूर किया।
डीआईजी अंकित गोयल ने कहा कि दरेकसा दलम के पतन से राजनांदगांव-गोंदिया-बालाघाट संभागीय समिति ने अपनी अंतिम सक्रिय सैन्य इकाइयों में से एक खो दी है। यह माओवादियों के कथित रेड कॉरिडोर में सुरक्षा बलों के लिए निर्णायक जीत है।
यह दलम तीन राज्यों के सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय था:
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गोंदिया के एसपी गोरख भामरे ने बताया कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को महाराष्ट्र और केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लाभ मिलेगा।