5 साल बाद भी अधूरा इटानकोलारी पुल, परियोजना की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की जनता ने की मांग
Itankolari Bridge News: भंडारा और चंद्रपुर जिलों को जोड़ने वाली इटानकोलारी वैनगंगा नदी पुल परियोजना पांच साल बाद भी अधूरी पड़ी है। करीब 86 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनने वाला था।
Itankolari Bridge (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Bhandara Itankolari Bridge Project News: भंडारा और चंद्रपुर जिलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी इटानकोलारी वैनगंगा नदी पुल परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। करीब 85,99,73,670 रुपये लागत की इस परियोजना का कार्य 21 जुलाई 2020 को शुरू हुआ था।
निर्धारित समय के अनुसार पुल निर्माण 18 माह में पूरा होना था, लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी परियोजना अधूरी पड़ी है। लोक निर्माण विभाग भंडारा के अंतर्गत आने वाली इस परियोजना में इटान तहसील लाखांदुर से कोलारी तहसील ब्रह्मपुरी मार्ग पर वैनगंगा नदी पर बड़े पुल का निर्माण, उपसा नाले पर पुलनुमा बांध तथा विर्ली बु. से उपसा नाला मार्ग के निर्माण और सुधार कार्य शामिल हैं। ईटेंडर प्रक्रिया के माध्यम से यह कार्य नागपुर की मेसर्स सी।एस। कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था।
वैकल्पिक और जोखिम भरे मार्गों से सफर
एम्बुलेंस सेवाओं को भारी परेशानी स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और कई बार पूरी तरह बंद भी दिखाई दिया। इसके कारण लाखांदुर और ब्रह्मपुरी क्षेत्र के लोगों को आज भी वैकल्पिक और जोखिम भरे मार्गों से सफर करना पड़ रहा है। बरसात में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों तथा एम्बुलेंस सेवाओं को भारी परेशानी होती है।
सम्बंधित ख़बरें
JNPA पोर्ट पर दिख रहा अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, ड्राइवरों की कमी से कंटेनर मूवमेंट प्रभावित
बकरीद से पहले कोपरगांव में अवैध बूचड़खानों पर बुलडोजर कार्रवाई, 200 किलो बीफ जब्त
पुणे में दर्दनाक हादसा! जनगणना ड्यूटी पर जा रही महिला शिक्षिका को डंपर ने कुचला, शिक्षकों में भारी आक्रोश
किसान की बेटी ने CM से मांगा हक तो मिला हॉस्टल छोड़ने का नोटिस, विवाद बढ़ा तो प्रशासन को पीछे खींचने पड़े कदम
ये भी पढ़े: वर्धा में चोरों का तांडव: एक ही रात में तीन दुकानों के शटर उठाए, ज्वेलर्स से 8.30 लाख के माल पर साफ किया हाथ
अब तक यातायात के लिए शुरू नहीं
गुणवत्ता व निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल अब तक यातायात के लिए शुरू नहीं हो पाया है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने परियोजना में देरी की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परियोजना की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग तेज हो गई है।
