गोंदिया में जलापूर्ति योजनाओं की निधि में बड़ा घोटाला, 40 लाख से 9 करोड़ तक बढ़ाई राशि
Jal Jeevan Mission Gondia: गोंदिया जिले में जलापूर्ति योजनाओं के लिए 40 लाख रुपये के बजट को बढ़ाकर 9 करोड़ रुपये करने और नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
water supply (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia Water Supply Scam: गोंदिया जिले में प्रादेशिक जलापूर्ति योजनाओं के लिए निधि आवंटन में बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है और जिला परिषद प्रशासन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि 40 लाख रु. के मूल प्रावधान को बढ़ाकर 9 करोड़ रु। कर दिया गया और नियमों का उल्लंघन करते हुए पसंदीदा ठेकेदारों के लाभके लिए निधि का इस्तेमाल किया गया। इस संबंध में अब विभागीय आयुक्त से शिकायत की गई है।
जिला योजना समिति के वार्षिक बजट के अनुसार, जिला परिषद और ग्राम पंचायत जलापूर्ति क कारण योजनाओं के अनुदान के लिए मूल आवंटन केवल 40 लाख रु. था। लेकिन, प्रशासन ने इस प्रावधान को बढ़ाकर 9 करोड़ रु. कर दिया। सरकारी निर्णय के अनुसार, ऐसी धनराशि का 50 प्रश. मौजूदा प्रादेशिक व स्वतंत्र जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर खर्च किया जाना अनिवार्य है। लेकिन, पुरानी योजनाएं रुक गई हैं क्योंकि ये धनराशि केवल जलजीवन मिशन की नई गतिविधियों में लगा दी गई है।
बिजली बिल बकाया
किसी भी निधि को खर्च करते समय जिला परिषद की सामान्य बैठक में चर्चा कर अनुमोदन लेना अनिवार्य है। लेकिन यह मामला बिना किसी औपचारिक चर्चा के पसंदीदा ठेकेदारों को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए मर्जी से ‘मैनेज’ करने का आरोप लगाया गया है। इसके कारण जिले की अर्जुनी मोरगांव, रामपुरी, खांबी, शिरेगांव, बनगांव और घाटपुराला जैसी छह महत्वपूर्ण योजनाओं का बिजली बिल बकाया हैं और वह बंद होने की कगार पर हैं।
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2 करोड़ रु. का बिजली बिल बकाया
इस प्रशासनिक अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय जागरूक नागरिक व जनप्रतिनिधियों ने मामले की पैरवी शुरू कर दी है। इस संबंध में निम्नलिखित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रशासनिक स्वार्थ के कारण 2 करोड़ बिजली बिल और 1 करोड़ ठेकेदार का बिल लंबित है। निधि उपलब्ध होने के बावजूद, उसे अन्य काम में लगाने के कारण गर्मी में ग्रामीण लोगों को प्यासे रहने की नौबत आ गई है।
