

Salekasa Drinking Water Crisis Deepens in Jamakudo: गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमाकुड़ो के वार्ड क्रमांक २ में पेयजल का संकट दिन-प्रतिदिन गंभीर और गहरा होता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की बूंद-बूंद के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। इसी ज्वलंत समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अमित वैद्य के नेतृत्व में वार्ड के अनेक त्रस्त नागरिकों ने ग्राम पंचायत जमाकुड़ो का रुख किया। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर ग्रापं अधिकारी रोहणी ऊके तथा उपसरपंच चुन्नीलाल राऊत को अपनी मांगों का एक लिखित ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे स्थानीय नागरिकों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वार्ड क्रमांक २ में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। जमीनी स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि लोगों को रोजाना पानी के इंतजाम के लिए सुबह से ही दूर-दराज के इलाकों में दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर समस्या ने पूरे ग्रामीण जीवन को बुरी तरह से प्रभावित और अस्त-व्यस्त कर दिया है। पानी की इस अव्यवस्था के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे अधिक मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों ने ज्ञापन के माध्यम से ग्राम पंचायत प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि वार्ड में फैले इस पेयजल संकट का तत्काल प्रभाव से तकनीकी निराकरण किया जाए और सालेकसा गांव में नियमित रूप से जलापूर्ति (वाटर सप्लाई) सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इससे पहले भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से प्रशासन को इस विकट समस्या की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस या स्थाई समाधान नहीं निकाला गया है।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अमित वैद्य ने सालेकसा ग्राम पंचायत प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले ७ दिनों के भीतर वार्ड की पानी की समस्या का कोई स्थाई और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया, तो वे वार्ड के समस्त नागरिकों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत कार्यालय के ठीक सामने बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने साफ किया कि इस आंदोलन और उससे उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित वरिष्ठ प्रशासन और स्थानीय ग्राम पंचायत की होगी। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से भी मांग की है कि बढ़ते जल संकट की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आपातकालीन कदम उठाए जाएं, ताकि जनता को इस बड़ी परेशानी से राहत मिल सके।