मानसून की देरी से बढ़ी चिंता, गोंदिया के बांध और प्रकल्प प्यासे, जिले में केवल 20.54% जल भंडारण शेष

Gondia Irrigation Department: गोंदिया जिले में मानसून की देरी और बढ़ते तापमान के कारण जलाशयों एवं सिंचाई प्रकल्पों का जलस्तर तेजी से घट रहा है।
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Water Reservoir Levels (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Kalisarar Project: बेमौसम बारिश ने अच्छा काम किया है, लेकिन अब जून का आधा महीना बीतने के बाद भी बारिश नदारद है। चिलचिलाती धूप में शरीर जल रहा है, और जिले के प्रकल्प भी बारिश न होने से प्यासे हैं। ज्यादातर प्रकल्पों में नाम मात्र पानी का भंडारण है। मौसम विभाग बारिश का अनुमान लगा रहा है। लेकिन, बारिश की देरी उनके अनुमान पर पानी फेर रही है। अब सबकी निगाहें आसमान पर हैं और बारिश का इंतजार कर रही हैं।

पिछले साल मानसून के दौरान जिले में औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। इस वजह से जिले के सभी बांधों में पानी का भरपूर संग्रह हो गया था। सिंचाई के बाद रबी फसलों की सिंचाई के लिए अलगअलग प्रकल्पों से पानी छोड़ा गया था। इसलिए, शनिवार तक जिले में मध्यम प्रकल्पों में सिर्फ 20.54 प्रश। पानी का संग्रह बचा है।

ईटियाडोह, सिरपुर और कालीसरार प्रकल्पों में जलस्तर चिंताजनक स्तर पर

जून के दो सप्ताह बीत चुके हैं। लेकिन, वरुणराज ने अभी तक अपनी मजबूत मौजूदगी नहीं बनाई है। इस वजह से जिले में पानी की कमी का संकट जारी है। ग्रामीण इलाकों में जानवरों को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से कई प्रकल्पों की गाद नहीं निकाली अभी मध्यम प्रकल्पों में सिर्फ 20.54 प्रश। जल संग्रह है। पिछले 38 मामा तालाबों को देखें तो उन तालाबों में पानी जमा है।

पेयजल को लेकर बढ़ी चिंता

लघु सिंचाई विभाग के ऊपर बताए गए तीनों तरह के प्रकल्पों की कुल संग्रह क्षमता 117.933 मिलियन क्यूबिक मीटर है। इसका प्रतिशत बहुत कम है। गाद की वजह से संग्रह की क्षमता कम हो गई है। पिछले कई सालों से जिले के प्रकल्पों की गाद नहीं निकाली गई। इस वजह से पानी संग्रह की क्षमता कम हो गई है और हर साल गर्मियों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।

जिले के लोगों को उम्मीद है कि अगर प्रकल्पों का गाद हटा दिया जाए तो संग्रह क्षमता बढ़ जाएगी। उम्मीद है कि बारिश आने तक पानी काफी रहेगा। गर्मी की तीव्रता बढ़ गई है। पारा दिनबदिन बढ़ रहा है। इस वजह से प्रकल्पों में पानी का संग्रह कम हो गया है। हालांकि, अभी 20.54 प्रश. जल संग्रह बचा है। उम्मीद है कि बारिश आने तक पानी काफी रहेगा।

गोंदिया के बांधों में जल भंडारण लगातार घट रहा

राजू कुरेकर, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, गोंदिया शेष जल संग्रह प्रकल्प जल संग्रह प्रश में बोदलकसा 27.37 चोरखमारा 13.39 चुलबंद 37.06 खैरबंधा 15.39 मानागढ़ 15.47 रेंगेपार 24.21 संग्रामपुर 4.60 कटंगी 17.87 कलपाथरी 9.70 भारी बारिश का इंतजार मई में प्रीमॉनसून बारिश से फसलों को नुकसान हुआ।

लेकिन, नदियों, नालों और प्रकल्पों को इसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ। नतीजतन, ज्यादातर प्रकल्प अभी भी प्यासे हैं। जून का महीना आधा बीत जाने के बाद भी भारी बारिश नहीं हुई है। कभीकभी हल्की बारिश हुई है, लेकिन इससे कुछ नहीं हुआ। उल्टा, जिले के लोग गर्मी से परेशान हो गए हैं। इसलिए, ज़िले को अभी भी भारी बारिश का इंतज़ार है।