Gondia News: स्वच्छता गायब, सिर्फ मुनाफे पर ध्यान, फुटपाथों पर संचालित खाद्य दुकानों का कोई रिकॉर्ड नहीं
Gondia Civic Negligence: गोंदिया में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित फुटपाथ और सड़क किनारे खाद्य दुकानों पर स्वच्छता और फूड सेफ्टी नियमों की अनदेखी से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Gondia food safety (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gondia Food Safety: ग्रीष्मकाल की शुरुआत होने वाली है, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। नियमों के अनुसार, खाने-पीने की वस्तुओं की बिक्री करने वाले सभी दुकानदारों के लिए दुकान का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसमें ठेले पर खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को भी पंजीकरण कराना जरूरी होता है।
लेकिन संबंधित प्रशासन के ढीले रवैए के चलते शहर के विभिन्न स्थानों पर कई छोटे व्यवसायियों की दुकानें बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही हैं। इन दुकानों का न तो कोई पंजीकरण है और न ही लाइसेंस। ऐसे में वे किस प्रकार के खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस संबंध में सरकारी विभागों के पास भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मिलावटखोरों और स्वच्छता की अनदेखी
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुओं की बिक्री करने वाले कई दुकानदार फूड सेफ्टी नियमों के प्रति जागरूक नहीं हैं। इसके चलते खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो पा रहा है। कुछ दुकानदारों ने एफएसएसएआई का रजिस्ट्रेशन करवा रखा है, जबकि कई बिना पंजीकरण के ही काम कर रहे हैं। ऐसे में मिलावटखोरों और स्वच्छता की अनदेखी करने वालों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
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संबंधित विभाग की अनदेखी
शहर में फुटपाथों और सड़कों के किनारे पेय और खाद्य पदार्थों की अनेक दुकानें बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। वहीं कई वार्डों में ठेले वाले घूम-घूमकर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। खाद्य सामग्री की बिक्री करने वाला कोई भी दुकानदार एफएसएसएआई की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकता है और सुरक्षित तरीके से अपना व्यवसाय चला सकता है, लेकिन अनेक लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं, जो संबंधित विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
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जरूरी है रजिस्ट्रेशन
मिलावटखोरों पर रोक लगाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य यह है कि पंजीकरण होने से विभाग को यह जानकारी मिल जाती है कि कहां और किन दुकानों पर खाद्य सामग्री की बिक्री हो रही है, जिससे समय-समय पर निरीक्षण किया जा सके और मिलावट को रोका जा सके। लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं होने से इन दुकानों की जानकारी विभाग तक नहीं पहुंच पाती।
