Gondia News: बंजारा समाज को आदिवासी वर्ग में शामिल न करने की मांग को लेकर आदिवासी समुदाय ने गोंदिया में एक बड़ा मोर्चा निकाला। इस मोर्चे का आयोजन नेशनल आदिवासी पीपल्स फेडरेशन और संयुक्त आदिवासी हक कृति समिति द्वारा किया गया।
सड़क अर्जुनी में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शासन से मांग की कि बंजारा समाज को आदिवासी प्रवर्ग में शामिल करने का निर्णय प्रभावी रूप से रद्द किया जाए।
आदिवासी समुदाय के नेताओं ने स्पष्ट किया कि बंजारा समाज आदिवासी प्रवर्ग में नहीं आता और उनकी संस्कृति भी आदिवासी संस्कृति से जुड़ी नहीं है। इसके अलावा, उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन कर बंजारा समाज का अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है।इस संदर्भ में, आदिवासी विकास विभाग ने यह निर्णय लिया है कि बंजारा समाज को आदिवासी प्रवर्ग में शामिल करने की मांग को उचित नहीं माना जाएगा।
इस मोर्चे में पंस सभापति चेतन वडगाये, संतोष धुर्वे, राजेश भंडारी, गंगाधर कुंभरे, देवचंद टेकाम, और लेखलाल टेकाम जैसे कई आदिवासी समाज के पदाधिकारी शामिल थे।इस बीच, तिरोड़ा में एक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का लोकार्पण किया गया है, जिससे अपराध की जांच में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा। उपविभागीय पुलिस अधिकारी साहिल झरकर ने इस वैन का उद्घाटन किया, जिससे घटनास्थल पर सबूत एकत्र करना संभव होगा।