मुंबई में फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट रैकेट का खुलासा, बीएमसी रिकॉर्ड से अहम दस्तावेज लापता
BMC Fake Birth Certificate: बीएमसी की जांच में 10,226 फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से जुड़े दस्तावेज गायब पाए गए हैं। मामले में एसआईटी जांच जारी है और प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
किरीट सोमैया (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Fake Birth Certificate News: बीएमसी के विजिलेंस विभाग की नई जांच में यह सामने आया है कि अवैध विदेशी नागरिकों को जारी किए गए 10,226 फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से जुड़े सहायक दस्तावेज गायब हैं। इससे बीएमसी प्रशासन में हुई अनियमितताओं को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।
यह खुलासा उस आंतरिक जांच के कुछ सप्ताह बाद हुआ है, जिसमें पता चला था कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच कुल 87,347 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, गायब दस्तावेजों में वे सरकारी मान्यता प्राप्त पहचान पत्र शामिल हैं, जिनके आधार पर जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।
इसी महीने की शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस रैकेट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। पुलिस जांच के साथ-साथ बीएमसी के विजिलेंस विभाग भी इन प्रमाणपत्रों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहा है।
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सोमैया ने साझा किया आंकड़ा
बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि हम 87 हजार से अधिक संदिग्ध जन्म प्रमाणपत्रों के समर्थन में जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 10 हजार प्रमाणपत्रों के सहायक दस्तावेज नहीं मिले हैं और पिछले तीन सप्ताह से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
किरीट सौमेया ने साझा किए आंकड़े
इस मुद्दे को लगातार उठाने वाले भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि बीएमसी ने उनसे संबंधित आंकड़े साझा किए हैं। सोमैया के अनुसार, बिना सहायक दस्तावेजों के जारी किए गए अधिकांश प्रमाणपत्र एल वार्ड (कुर्ला), ई वार्ड (भायखला), एम-पूर्व वार्ड (गोवंडी) और के उत्तर वार्ड (जोगेश्वरी) कार्यालयों से जुड़े पाए गए हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी प्रमाणपत्र एसएपी आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली के माध्यम से जारी किए गए थे, जबकि उस समय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) भी लागू थी।
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उनका कहना है कि 10 हजार से अधिक प्रमाणपत्र बिना किसी वैध दस्तावेज के जारी होना प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की ओर संकेत करता है। उन्होंने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह संख्या और बढ़ सकती है।
